नेक मूवमेंट: घंटों डेस्क पर बैठकर काम करने वालों के लिए राहत, गर्दन के आसान मूवमेंट से दूर होगी जकड़न

नई दिल्ली, 23 अप्रैल । आजकल की व्यस्त जिंदगी में ज्यादातर लोग कंप्यूटर या मोबाइल पर घंटों बैठकर काम करते हैं, जिससे गर्दन और कंधों में जकड़न, दर्द और थकान आम समस्या बन गई है। आयुष मंत्रालय ने योग के जरिए ऐसी परेशानियों से निपटने का आसान और प्रभावी उपाय सुझाया है।

मंत्रालय के अनुसार, योग की शुरुआत गर्दन की हल्की गतिविधियों से करनी चाहिए, जो शरीर को धीरे-धीरे सक्रिय करती हैं और तंत्रिका तंत्र को शांत रखती हैं।

गर्दन की मांसपेशियां खोपड़ी, जबड़े, कंधों की हड्डियों और कॉलरबोन तक फैली हुई होती हैं। ये मांसपेशियां सिर और गर्दन को मजबूती प्रदान करती हैं व सिर घुमाने, चबाने, निगलने और सांस लेने जैसी रोजमर्रा की गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने से ये मांसपेशियां तनावग्रस्त हो जाती हैं, जिससे दर्द और अकड़न पैदा होती है।

आयुष मंत्रालय ने कॉमन योग प्रोटोकॉल में गर्दन की चार आसान गतिविधियों को शामिल किया है, जो घर या ऑफिस में आसानी से किए जा सकते हैं। ये व्यायाम तनाव कम करने, लचीलापन बढ़ाने और सिर व रीढ़ की हड्डी में रक्त संचार सुधारने में मदद करते हैं। साथ ही मानसिक थकान को भी दूर करते हैं।

एक्सपर्ट सभी लोगों, खासकर डेस्क जॉब करने वालों से अपील करते हैं कि वे इन व्यायामों को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें। नेक मूवमेंट के चार स्टेप में फ्लेक्सन और एक्सटेंशन, साइड बेंडिंग, रोटेशन व पूर्ण रोटेशन शामिल है।

फ्लेक्सन और एक्सटेंशन:- गर्दन को आगे की ओर झुकाकर ठोड़ी को छाती से लगाने की कोशिश करें और फिर धीरे से पीछे की ओर झुकाएं। यह गर्दन की सामने और पीछे वाली मांसपेशियों को खोलता है और तनाव मुक्त करता है।

साइड बेंडिंग: - गर्दन को दाईं और बाईं तरफ झुकाएं। इससे गर्दन की साइड वाली मांसपेशियां लचीली बनती हैं और जकड़न दूर होती है।

रोटेशन: - गर्दन को दाईं और बाईं ओर घुमाएं। यह गतिविधि गर्दन की गतिशीलता बढ़ाती है और कंधों की अकड़न को भी कम करती है।

पूर्ण रोटेशन: - गर्दन को धीरे-धीरे गोलाकार घुमाएं (दोनों दिशाओं में)। इससे मांसपेशियों को पूरी तरह से खिंचाव मिलता है और मजबूती आती है।

ये सभी व्यायाम बहुत धीरे और सावधानी से करने चाहिए। सांस को सामान्य रखें और कभी भी जबरदस्ती न करें। रोजाना 5-10 मिनट इन गतिविधियों को करने से गर्दन और कंधों की परेशानियां काफी हद तक कम हो जाती हैं। आयुष मंत्रालय का कहना है कि गर्दन की ये मांसपेशियां स्वैच्छिक होती हैं, यानी हम अपनी इच्छा से इन्हें नियंत्रित कर सकते हैं। इनका सही उपयोग शरीर की ऊपरी रीढ़ को मजबूत रखता है।

नेक मूवमेंट के नियमित अभ्यास से न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है बल्कि मन भी शांत रहता है। कार्यालयों में काम करने वाले लोग इन सरल नेक मूवमेंट्स को ब्रेक के दौरान कर सकते हैं। इससे पूरे दिन की थकान कम होगी और काम का प्रदर्शन भी सुधरेगा।

हालांकि, अगर दर्द ज्यादा हो तो योग प्रशिक्षक से सलाह लेकर ही व्यायाम शुरू करें।

Source: IANS

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