वज्रासन से भ्रामरी प्राणायाम तक, मिर्गी को नियंत्रित करने में कारगर

नई दिल्ली, 29 मई । विश्व योग दिवस (21 जून) में अब कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में भारत सरकार का आयुष मंत्रालय लोगों को योग की ओर प्रेरित करने के लिए लगातार नई जानकारी साझा कर रहा है। मंत्रालय ने मिर्गी (एपिलेप्सी) से पीड़ित लोगों के लिए खास योगासनों की जानकारी दी है।

इन आसनों के नियमित अभ्यास से तंत्रिका तंत्र शांत होता है, तनाव कम होता है और दौरे पड़ने की संभावना घट सकती है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, मिर्गी एक ऐसी समस्या है जिसमें मस्तिष्क की विद्युतीय तरंगें प्रभावित होती है। दवाओं के साथ-साथ योग अभ्यास इस समस्या के प्रबंधन में बहुत उपयोगी साबित हो सकता है। योग शरीर और मन दोनों को संतुलित रखता है, जिससे मरीजों की जीवन गुणवत्ता बेहतर होती है।

मंत्रालय ने सलाह दी है कि इन आसनों को अपनी रोजाना की दिनचर्या में शामिल करके मिर्गी को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही लोगों से अपील की है कि वे योग को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाएं। योग केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी है। नियमित योग अभ्यास न सिर्फ मिर्गी के दौरे को कम कर सकता है बल्कि स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है। मंत्रालय द्वारा बताए गए मुख्य योगासन में उत्तानपादासन, भ्रामरी प्राणायाम, ताड़ासन, अर्ध मत्स्येन्द्रासन, वज्रासन शामिल है।

उत्तानपादासन:- इस आसन में लेटकर पैरों को ऊपर उठाया जाता है। यह आसन पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है और रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है। इससे तनाव कम होता है और नींद भी अच्छी आती है।

भ्रामरी प्राणायाम:- इस प्राणायाम में आंखें बंद करके ‘म’ की ध्वनि के साथ सांस छोड़ी जाती है। यह मस्तिष्क को शांत करता है, चिंता और तनाव दूर करता है। मिर्गी के मरीजों के लिए यह बहुत फायदेमंद माना जाता है।

ताड़ासन: - खड़े होकर शरीर को तानकर ये अभ्यास किया जाता है। यह आसन एकाग्रता बढ़ाता है, मुद्रा सुधारता है और पूरे शरीर में ऊर्जा का संचार करता है।

अर्ध मत्स्येन्द्रासन:- इस ट्विस्टिंग आसन से कमर और रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। यह पाचन तंत्र को भी ठीक रखता है और तंत्रिका तंत्र को संतुलित करता है।

वज्रासन:- भोजन के बाद भी किया जाने वाला यह आसन पाचन सुधारता है और मन को शांत रखता है।

भुजंगासन: सांप की मुद्रा वाला यह आसन छाती और फेफड़ों को खोलता है तथा ऊर्जा बढ़ाता है।

योग एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इन आसनों को सही तरीके से और धीरे-धीरे अभ्यास करना चाहिए। शुरुआत में किसी योग विशेषज्ञ की देखरेख में करना बेहतर होता है, खासकर मिर्गी के मरीजों को।

Source: IANS

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