सामान्य समझकर टाल रहे हैं बुखार? ये लक्षण हो सकते हैं खतरनाक, समय पर

नई दिल्ली, 29 मई । गर्मी के मौसम में बुखार आना आम बात समझी जाती है, लेकिन क्या हर बुखार सामान्य होता है? जवाब है- नहीं। कई बार तेज बुखार, ठंड लगना और कमजोरी जैसे लक्षण मलेरिया की चेतावनी हो सकते हैं। इन लक्षणों की अनदेखी करना खुद से खिलवाड़ के सिवाय कुछ नहीं है।

नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) ने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि मलेरिया को हल्के में नहीं लेना चाहिए। समय पर जांच और सही इलाज से यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता ही मलेरिया से बचाव की सबसे अच्छी दवा है।

मलेरिया मच्छरों के काटने से फैलता है। यह बीमारी शरीर में प्लाज्मोडियम नामक परजीवी के कारण होती है। शुरुआती लक्षण अक्सर साधारण वायरल बुखार जैसे दिखते हैं, इसलिए लोग आमतौर पर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर समय पर इलाज न किया जाए तो यह जानलेवा भी बन सकता है।

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, तेज बुखार, जो बार-बार आता-जाता रहे, ठंड लगना और कंपकंपी, तेज सिरदर्द, शरीर में कमजोरी और थकान, ज्यादा पसीना आना, उल्टी, मतली या दस्त के साथ ही बेचैनी और भूख न लगना जैसे लक्षण दिखें तो सावधान हो जाएं। बिना लापरवाही किए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और ब्लड टेस्ट करवाएं। मलेरिया का पता लगाने के लिए साधारण ब्लड जांच काफी होती है।

एनएचएम का कहना है कि मलेरिया से बचाव संभव है। समय रहते सही दवा शुरू कर दी जाए तो मरीज कुछ ही दिनों में पूरी तरह से ठीक हो जाता है। मलेरिया से बचाव के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना खास तौर पर जरूरी है। घर के आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, पूरी बाजू वाले कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाली दवाओं का इस्तेमाल करें। साथ ही बुखार होने पर खुद दवा न लें, डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

Source: IANS

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