गर्मी से हाल है बेहाल? खुद का कैसे रखें ख्याल?, अपनाएं आयुर्वेदिक उपाए
देश के कई हिस्सों में बढ़ती गर्मी और लू के असर को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने और आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना और संतुलित आहार लेना बेहद जरूरी है।

नई दिल्ली, 30 अप्रैल। देश के कई हिस्सों में बढ़ती गर्मी और लू के असर को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने और आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना और संतुलित आहार लेना बेहद जरूरी है।
ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदा (एआईआईए) ने लोगों से अपील की है कि वे इस मौसम में शरीर में पानी और नमी की कमी न होने दें। इसके लिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए, जिससे शरीर का तापमान संतुलित बना रहे।
आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, सही दिनचर्या और घरेलू उपायों को अपनाकर लू, थकान, चक्कर आना और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।
गर्मी से राहत पाने के लिए तुलसी के बीज, सफेद प्याज, खस, चंदन और मोगरा जैसे प्राकृतिक उपायों को उपयोगी बताया गया है। तुलसी के बीजों को रातभर भिगोकर सुबह पीने से शरीर को ठंडक मिलती है और पाचन तंत्र बेहतर होता है। वहीं खस, चंदन और मोगरा युक्त पानी भी शरीर को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखने में मदद करता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सफेद प्याज का सेवन भी गर्मी में लाभकारी होता है, क्योंकि यह शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में सहायक है।
इसके साथ ही आयुर्वेद संस्थान ने सलाह दी है कि गर्मियों में भारी, तले-भुने और मसालेदार भोजन से बचना चाहिए। इसके स्थान पर हल्का, ताजा और पौष्टिक भोजन जैसे फल, सब्जियां, दही, छाछ और सलाद को प्राथमिकता देनी चाहिए।
धूप में निकलते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर जाने से बचें। यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो छाता, टोपी, धूप का चश्मा और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें।
Source: IANS

