गर्मियों का प्राकृतिक शीतल पेय गुलकंद: पेट और त्वचा के लिए गुणकारी
परंपरागत रूप से गुलकंद ताजी गुलाब की पंखुड़ियों को चीनी या गुड़ के साथ मिलाकर धूप में धीरे-धीरे पकाकर तैयार किया जाता है। इसकी खुशबू और स्वाद इसे पीढ़ियों से भारतीय घरों में पसंदीदा बनाते आए हैं।

नई दिल्ली, 30 अप्रैल। तेज गर्मी से राहत पाने के लिए लोग अब प्राकृतिक और पारंपरिक उपायों की ओर लौट रहे हैं। इन्हीं में से एक है गुलकंद, जो ताजा गुलाब की पंखुड़ियों से तैयार किया जाता है। यह न केवल स्वाद में मीठा और सुगंधित होता है, बल्कि शरीर को ठंडक देने के साथ कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है।
गुलकंद का सेवन कई तरीकों से किया जा सकता है। इसे सीधे खाया जा सकता है, या दूध और दही के साथ शरबत बनाकर लिया जा सकता है। इसके अलावा इसे मिठाइयों जैसे हलवा, लड्डू और आइसक्रीम में भी मिलाया जाता है। गर्मियों में गुलकंद वाला ठंडा दूध या शरबत एक लोकप्रिय घरेलू पेय बन जाता है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन चिकित्सकीय सलाह के बाद ही करना चाहिए।
परंपरागत रूप से गुलकंद ताजी गुलाब की पंखुड़ियों को चीनी या गुड़ के साथ मिलाकर धूप में धीरे-धीरे पकाकर तैयार किया जाता है। इसकी खुशबू और स्वाद इसे पीढ़ियों से भारतीय घरों में पसंदीदा बनाते आए हैं। पहले यह अधिकतर घरों में दादी-नानी द्वारा बनाया जाता था और आज भी कई परिवार इस परंपरा को निभा रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गुलकंद शरीर को प्राकृतिक रूप से ठंडक प्रदान करता है और गर्मी से होने वाली थकान, चिड़चिड़ापन और तनाव को कम करने में मदद करता है। यह पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है और भोजन के बेहतर पाचन में सहायक होता है।
गर्मी के मौसम में अक्सर एसिडिटी, गैस और अपच जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में गुलकंद का सीमित सेवन पाचन को सुधारने और इन समस्याओं से राहत देने में मददगार हो सकता है।
इसके अलावा गुलकंद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने के साथ त्वचा को भी स्वस्थ बनाते हैं। यह त्वचा को नमी प्रदान कर गर्मियों में होने वाली रूखापन और बेजानपन को कम करता है, जिससे त्वचा अधिक चमकदार और तरोताजा दिखती है।
Source: IANS

