गर्मियों में शहद फायदेमंद या नुकसानदायक? आयुर्वेद से जाने उपयोग के तरीके
गर्मियों में गर्म तासीर वाली चीजों के सेवन को कम करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि पहले से ही बाहरी वातावरण गर्म होता है और शरीर के अंदर भी पित्त बढ़ने लगता है।।

नई दिल्ली, 30 अप्रैल। गर्मियों के मौसम में शरीर में पित्त बढ़ने की संभावना रहती है, इसलिए अक्सर ठंडी तासीर वाले खाद्य पदार्थों के सेवन की सलाह दी जाती है और गर्म तासीर वाली चीजों से परहेज करने को कहा जाता है। ऐसे में यह सवाल भी उठता है कि क्या गर्मी में शहद का सेवन करना सुरक्षित है या नहीं।
आयुर्वेद के अनुसार, शहद को “अमृत” माना गया है, लेकिन इसकी तासीर गर्म होती है। साथ ही इसे “योगवाही” द्रव्य भी कहा जाता है, यानी यह जिस चीज के साथ लिया जाता है, उसके गुणों को आत्मसात कर लेता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, शहद का सीधा सेवन गर्मियों में अधिक मात्रा में करने से शरीर में पित्त बढ़ सकता है, जिससे जलन और गर्मी की समस्या हो सकती है। हालांकि सही तरीके से और संयमित मात्रा में इसका सेवन लाभकारी माना गया है।
गर्मी में शहद का उपयोग हल्के और सही संयोजन के साथ किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, सुबह नींबू और मिट्टी के घड़े के ठंडे पानी के साथ शहद लेने से शरीर को ठंडक मिल सकती है और वजन नियंत्रण में भी मदद मिलती है।
इसके अलावा, सत्तू के साथ चीनी की जगह शहद मिलाकर सेवन करना भी फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ हाइड्रेट भी रखता है और मांसपेशियों की थकान को कम करने में सहायक होता है।
शहद को दही के साथ दोपहर में लेना भी लाभकारी बताया गया है। यह मिश्रण पाचन तंत्र को मजबूत करने और लू से बचाव में मदद कर सकता है।
हालांकि आयुर्वेद में यह स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि शहद और घी का एक साथ सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसे “विरुद्ध आहार” माना जाता है। ऐसा करने से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है और वात-पित्त असंतुलन की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
Source: IANS

