Puri
ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा 16 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई तक चलेगी। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से शुरू हुए इस नौ दिवसीय उत्सव में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा विशाल रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले।
बहुत से लोग दिमाग को तेज रखने और याददाश्त बेहतर करने के लिए फिश ऑयल कैप्सूल लेते हैं। इसकी वजह है इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड, खासकर डीएचए जिसे दिमाग की सेहत के लिए जरूरी माना जाता है।
ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा को लेकर भक्तों में अपार उत्साह देखने को मिल रहा है। रथयात्रा के दिन पुरी में रुक-रुक कर बारिश जारी रही, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
ओडिशा के पुरी में विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथयात्रा से पहले श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर हो उठा। भव्य रथयात्रा के शुभारंभ से पहले तीनों रथों के सामने ओडिसी नृत्य कलाकारों ने भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के लिए भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत किया।
ओडिशा के पुरी समेत देशभर में महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा की तैयारी हो चुकी है। रथ यात्रा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचे हैं।
ओडिशा के पुरी में विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा से पहले बुधवार को गुंडिचा मंदिर में 'गुंडिचा मार्जन' रस्म निभाई गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आए और उन्होंने पूरे मंदिर परिसर की साफ-सफाई की।
ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस समय भगवान जगन्नाथ के तीनों रथों के एक अहम लकड़ी के हिस्से, 'थेकेरा बाड़ा' को बनाने का काम जारी है।
महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सोमवार को स्नान पूर्णिमा है। मान्यता है कि इस दिन स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा अस्वस्थ हो जाते हैं। इसके बाद वे 15 दिनों तक 'अनसर घर' (विश्राम कक्ष) में रहते हैं।
स्नान पूर्णिमा के शुभ अवसर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर सैंड आर्टिस्ट और पद्मश्री पुरस्कार विजेता सुदर्शन पटनायक ने रविवार को ओडिशा के पुरी बीच पर रेत की एक शानदार कलाकृति बनाई। इस कलाकृति में 'जय जगन्नाथ' और 'स्नान पूर्णिमा' के संदेश दिए गए हैं, जो महाप्रभु जगन्नाथ के दिव्य प्राकट्य दिवस और पवित्र स्नान उत्सव का जश्न मनाते हैं।
ओडिशा की पारंपरिक रसोई में एक ऐसा खास पेय है जो न सिर्फ गर्मियों में शरीर को ठंडक देता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसे कहते हैं टंका तोरानी।
ट्रेडिंग न्यूज
मोस्ट व्यूज न्यूज
Get Newsletter
Subscribe to our newsletter to get latest news, popular news and exclusive updates.


