Washington
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच संबंध स्थिर बने हुए हैं। साथ ही, उन्होंने चीन के अमेरिका में डेटा सेंटर परियोजनाओं के विरोध को कथित समर्थन दिए जाने को कोई बड़ा खतरा मानने से इनकार किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रप ने गुरुवार को क्यूबा को एक 'विफल देश' बताया। उन्होंने कहा कि वहां की साम्यवादी सरकार पर दबाव बढ़ रहा है और ईरान से जुड़े मौजूदा मुद्दों के निपटारे के बाद उनका प्रशासन क्यूबा पर अधिक ध्यान देगा।
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने एक द्विदलीय 'वॉर पावर्स रेजोल्यूशन' पारित किया है, जिसका मकसद ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को खत्म करना है। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि इस संघर्ष को लेकर आलोचना बढ़ती जा रही है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते पर हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो होर्मुज स्ट्रेट तुरंत को खोल दिया जाएगा। उनके इस बयान को ईरान के साथ चल रही बातचीत में प्रगति का संकेत माना जा रहा है।
अमेरिका में सामान भेजने वाली विदेशी कंपनियों की अब कड़ी जांच होगी। टैरिफ चोरी और नकली या अवैध सामान पर सख्त कार्रवाई होगी और नियम तोड़ने वालों के लिए अमेरिका में व्यापार करना मुश्किल हो सकता है।
अमेरिका ने दबाव बढ़ाते हुए ईरान के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज समेत कई कंपनियों और उनसे जुड़े लोगों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दोनों देशों के बीच बातचीत की कोशिशें जारी हैं।
अमेरिका के दोनों प्रमुख दलों के सीनेटरों ने ग्रामीण अस्पतालों पर पड़ने वाले असर को लेकर 100,000 डॉलर वाले एच-1बी वीजा शुल्क पर चिंता जताई है। उन्होंने होमलैंड सिक्योरिटी सचिव मार्कवेन मुलिन से आग्रह किया कि दूर-दराज और कम सुविधाओं वाले इलाकों में काम करने के लिए भर्ती किए जा रहे विदेशी डॉक्टरों को कुछ राहत देने पर विचार किया जाए।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा को 'विफल देश' और अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बढ़ता हुआ खतरा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि क्यूबा में चीन और रूस की खुफिया गतिविधियां चल रही हैं और वह पूरे लैटिन अमेरिका में अमेरिका-विरोधी गतिविधियों को समर्थन देता है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हाउस एप्रोप्रियेशन्स सबकमेटी की सुनवाई के दौरान कहा कि अमेरिका को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि मौजूदा क्षेत्रीय संकट के दौरान चीन ने ईरान को सैन्य सहायता दी हो।।
अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में दोनों पार्टियों के प्रतिनिधियों ने एक नया बिल पेश किया है। इस बिल के तहत अमेरिकी विदेश विभाग को यह तय करना होगा कि क्या चीन ने तिब्बत के लोगों के खिलाफ नरसंहार या मानवता के खिलाफ अपराध किए हैं।
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