उज्जैन में बनी विक्रमादित्य वैदिक घड़ी पहुंचेगी काशी, मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे बाबा विश्वनाथ को अर्पित

भोपाल, 3 अप्रैल। मध्य प्रदेश स्थित महाकाल की नगरी उज्जैन में बनी विक्रमादित्य वैदिक घड़ी अब काशी पहुंचेगी। राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को वाराणसी पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की मौजूदगी में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को सबसे पहले बाबा विश्वनाथ को अर्पित करेंगे।

विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारत की पहली वैदिक काल गणना पर आधारित विशेष घड़ी है। साल 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका लोकार्पण किया था। घड़ी सूर्योदय के आधार पर समय गणना करती है और पंचांग से जुड़ी जानकारी देती है। इससे वैदिक समय, ग्रह-नक्षत्र, चंद्र स्थिति और विक्रम संवत की पूरी जानकारी एक साथ उपलब्ध होगी।

भारतीय काल गणना की समृद्ध विरासत को पुनर्जीवित करने के इस प्रयास के अंतर्गत वाराणसी में सर्वप्रथम बाबा विश्वनाथ को वैदिक घड़ी समर्पित की जाएगी। इस घड़ी की विशेषता न केवल इसकी पारंपरिक गणना पद्धति है, बल्कि इसका डिजिटल विस्तार भी है।

वाराणसी दौरे को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "भारतीय संस्कृति, वीरता, नीति और न्याय की अमर गाथाओं का भव्य प्रस्तुतीकरण होगा 'सम्राट विक्रमादित्य' महानाट्य, काशी की धरती पर आज से शुरू होगी प्रस्तुति। बाबा विश्वनाथ की नगरी इस गौरवशाली आयोजन की साक्षी बनेगी।"

मुख्यमंत्री मोहन यादव उत्तर प्रदेश के सीएम योगी के साथ स्थित बीएलडब्ल्यू में सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी पर आधारित महानाट्य का शुभारंभ करेंगे। 3 से 5 अप्रैल तक मंचन वाले इस महानाट्य का उद्देश्य देश के गौरवशाली इतिहास, विक्रम संवत की वैज्ञानिकता और उस युग के अनुपम योगदान से जनमानस को परिचित कराना है।

मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में महानाट्य 'सम्राट विक्रमादित्य' का ऐतिहासिक मंचन किया जाएगा। आयोजन स्थल पर विभिन्न ज्ञानवर्धक प्रदर्शनियां भी लगाई जा रही हैं। सम्राट विक्रमादित्य आधारित महानाट्य की प्रस्तुति लगभग 1.45 घंटे की होगी। मंच पर 175 से अधिक कलाकार और सहयोगी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

Source: IANS

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