मोदी सरकार की योजनाओं से गांव-गांव पहुंचा स्वरोजगार, लखपति दीदी योजना

नीमच, 17 सितंबर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई 'लखपति दीदी योजना' के परिणाम अब धरातल पर स्पष्ट रूप से सार्थक सिद्ध हो रहे हैं। मध्य प्रदेश के नीमच जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत गठित स्व-सहायता समूहों से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आर्थिक स्वावलंबन की नई राह बना रही हैं। कभी सिर्फ घर की चारदीवारी और चूल्हे-चौके तक सीमित रहने वाली ये महिलाएं आज न केवल खुद का व्यवसाय सफलतापूर्वक संचालित कर रही हैं, बल्कि अपने परिवारों का मजबूत संबल भी बन चुकी हैं।

नीमच जिले के छोटे छोटे गांव की महिलाओं ने समूह के जरिए आरएफ (आरएफ), सीआईएफ (सीआईएफ) और सीसीएल (सीसीएल) ऋण प्राप्त कर आटा चक्की, पत्तल-दोना निर्माण, डेयरी फार्मिंग, सिलाई कार्य, किराना दुकान, जनरल स्टोर और गारमेंट्स जैसे विविध व्यवसायों की शुरुआत की है। इस सशक्त पहल से महिलाओं की मासिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और उनका सामाजिक दायरा भी मजबूत हुआ है।

एक समय छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने वाली ये 'दीदियां' हर महीने हजारों रुपए की कमाई कर रही हैं और प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए अपने सुनहरे भविष्य की राह पर अग्रसर हैं।

आईएएनएस से बातचीत में लाभार्थी रागिनी कुंवर राजपूत ने कहा कि एनआरएलएम के द्वारा स्व-सहायता समूह से जुड़ी थी। मेरे समूह का नाम किसान सहेली स्व-सहायता समूह है। इससे जुड़ने के बाद मुझे आरएफ (रिजर्व फंड), सीआईएफ (कस्टमर इन्फॉर्मेशन फाइल) राशि और सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) लोन मिला। इससे पहले मैंने कपड़े की एक छोटी दुकान डाली थी। फिर मुझे फायदा हुआ तो मैं पत्तल-दोने की एक मशीन लेकर आई और उससे अपना रोजगार शुरू किया।

इसके बाद मैंने गांव में और भी समूह बनाए तथा महिलाओं को इस योजना से जोड़ा। फिर मैंने उन्हें भी इस रोजगार में शामिल किया, जिससे उनकी भी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। समूह से जुड़ने से मुझे और मेरे गांव की महिलाओं को बहुत फायदा मिला है। इसके लिए मैं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) और प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद करना चाहती हूं कि उन्होंने इतनी अच्छी योजना चलाई और सभी महिलाओं को स्व-सहायता समूह से जोड़ा, जिससे आज वे खुद आत्मनिर्भर बनी हैं और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी अच्छी चल रही है।

उन्होंने बताया कि योजना से जुड़ने से पहले मैं एक साधारण गृहिणी थी। गांव में होने के कारण हम कहीं बाहर भी नहीं जा पाते थे। जब एनआरएलएम से जुड़े, तो वहां जाकर हमें सरकारी योजनाओं की जानकारी मिली और हमने धीरे-धीरे अपना काम शुरू किया। आज हम पूरी तरह आत्मनिर्भर बन चुके हैं और गांव में हमारी एक अलग पहचान बन चुकी है। पीएम मोदी की लखपति योजना के अंतर्गत मैं सर्वे का कार्य भी करती हूं, जिसमें समूह से जुड़ने के बाद कई दीदियां लखपति बन चुकी हैं और मैं भी इसमें शामिल हो चुकी हूं। अभी हमारे समूह को 6 लाख रुपए तक का लोन स्वीकृत हो चुका है।

उन्होंने कहा कि तो मैं पीएम मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं और उनके दीर्घायु जीवन की कामना करती हूं। लाडली बहना योजना हो, बुजुर्गों की योजनाएं हों या किसानों को मिलने वाले लाभ, मोदी की सभी योजनाएं बहुत अच्छी हैं और हर वर्ग को इनका सीधा लाभ मिल रहा है। इसके लिए हम सभी मोदी जी का आभार व्यक्त करते हैं। मोनिका कुंवर ने बताया कि वह नीमच जिले के ग्राम सरवानियाबोर से हैं और नर्मदा स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं।

उन्होंने कहा कि मैं एनआरएलएम का बहुत-बहुत धन्यवाद करती हूं। समूह से जुड़ने से पहले मैं एक गृहिणी थी। समूह से जुड़ने के बाद मुझे रोजगार मिला, जिससे मेरी गृहस्थी और पारिवारिक स्थिति में काफी सुधार आया है। पहले मेरी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर थी, लेकिन अब काफी अच्छी हो चुकी है। इसके लिए मैं एनआरएलएम और प्रधानमंत्री मोदी का हृदय से धन्यवाद करती हूं तथा उनके जन्मदिवस पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं।

दीपिका बागड़ी ने बताया कि नीमच जिले की ग्राम पंचायत कराड़िया महाराज की रहने वाली हूं। मैं प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं, जिन्होंने हमें इस योजना से जोड़ा। इस योजना से जुड़कर आज हमारी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी हो गई है। पहले हमारी स्थिति बहुत खराब थी, लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि हमें जिस चीज की जरूरत होती है, वह हम आसानी से ले लेते हैं। पहले मैंने गांव में समूह का गठन किया। मेरे समूह का नाम खाटूश्याम है, जिसमें 13 महिलाएं जुड़ी हैं। इसमें हमें 9 लाख रुपए का लोन मिला, जिसे हमने जरूरतमंद महिलाओं में बांट दिया। इसके बाद 1 लाख रुपए का लोन लेकर हमने अपना डेयरी फार्म शुरू किया। इससे पहले हमने जो लोन लिया था, उससे पशु आहार का व्यवसाय शुरू किया था।

उन्होंने बताया कि मैं वर्ष 2020 में समूह से जुड़ी थी। तब हमारे गांव में केवल 4-5 समूह ही चलते थे। जब एनआरएलएम के अधिकारी आए, तब हमारे समूह का गठन हुआ। शुरुआत में हमारी छोटी बचत हुई और 13 महिलाओं के नाम से 13,000 रुपए की आरएफ राशि आई। इसके बाद सीसीएल के माध्यम से पहले 1 लाख, फिर 2 लाख, 5 लाख, 9 लाख और अब 12 लाख रुपए तक का लोन मिला, जिससे हमने अपने काम का विस्तार किया।

उन्होंने कहा कि यह योजना बेहद लाभकारी है, जिससे जुड़कर महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। पहले गांव में सिर्फ पांच समूह थे, लेकिन आज पूरी पंचायत में 36 समूह सक्रिय हैं और सभी महिलाएं प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करती हैं। मैं प्रधानमंत्री मोदी को उनके जन्मदिन पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं देती हूं, जिन्होंने यह योजना चलाकर हम सभी महिलाओं की आर्थिक स्थिति को इतना मजबूत बनाया है। हम उनके दीर्घायु जीवन की कामना करते हैं। रंजना कुंवर राणावत ने बताया कि ग्राम कराड़िया महाराज की निवासी हूं और एनआरएलएम के तहत शिव शक्ति स्व-सहायता समूह से जुड़ी हुई हूं। समूह के जरिए मुझे जो लोन मिला, उससे मुझे बहुत लाभ हुआ है। हाल ही में हमारे समूह को 6 लाख रुपए का लोन मिला था, जिसे हमने सभी 10 सदस्यों में बांट लिया। मिली हुई राशि से मैंने अपना व्यवसाय शुरू किया। मैंने कॉस्मेटिक, बच्चों के कपड़े, लेडीज सामान और जनरल स्टोर का काम खोला है। इस काम से आज मैं हर महीने 20 से 25 हजार रुपयेएआराम से कमा लेती हूं।

लखपति दीदी योजना शुरू करने के लिए मैं प्रधानमंत्री और समूह का दिल से धन्यवाद करती हूं। मेरे जैसी कई महिलाएं, जो सिर्फ घर का काम संभालती थीं और जिनके पास कोई काम नहीं था, उन्हें इस योजना से नई राह मिली है। शुरुआत के लिए हमारे पास पूंजी नहीं थी, लेकिन समूह से राशि मिलने के बाद हम सभी ने अपना-अपना कारोबार शुरू किया। आज हमारा गुजारा बहुत अच्छे से हो रहा है और हम परिवार को भी आर्थिक सहारा दे पा रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले 500-1000 रुपए खर्च करने के लिए भी सोचना पड़ता था, लेकिन आज मेरे पास खुद का काम और आमदनी है।

समूह के सहयोग से मेरे जीवन में यह बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि मैं पूरे समूह की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं देती हूं। ईश्वर उन्हें लंबी उम्र दे, ताकि वे इसी तरह महिलाओं और जरूरतमंदों का सहारा बनते रहें। ओमकारी साल्वी ने बताया कि नीमच जिले के ग्राम कराड़िया महाराज से हूं। एनआरएलएम समूह से जुड़कर मैंने अपना व्यवसाय शुरू किया, जिससे मुझे बहुत आर्थिक लाभ हुआ है।

पहले मुझे समूह से 30,000 और फिर 60,000 की सहायता मिली। अब हमारे समूह को 6 लाख रुपए स्वीकृत हो रहे हैं, जिससे मैं अपने व्यापार को और आगे बढ़ाऊंगी। मैंने किराना, मनिहारी (चूड़ियां), कपड़े और जूते-चप्पल की होलसेल दुकान खोली है। इसके साथ ही, एनआरएलएम के माध्यम से मैंने सिलाई का प्रशिक्षण लिया और अब सिलाई का काम भी करती हूं।

उन्होंने बताया कि समूह से जुड़ने से पहले मैं एक साधारण गृहिणी थी और स्कूल में काम करती थी। समूह में आने के बाद मैंने सिलाई सीखी, किराने और अन्य सामान की दुकान शुरू की। इससे मेरी आमदनी बढ़ी और परिवार को बड़ा आर्थिक संबल मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से हमारे जीवन में यह सकारात्मक बदलाव आया है। इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देती हूं और उनके स्वस्थ जीवन व उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हूं।

Source: IANS

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