दुनिया की शीर्ष मेडिकल यूनिवर्सिटीज में एम्स, क्यूएस रैंकिंग में 105वां स्थान मिला
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में इस वर्ष भारत का दबदबा देखने को मिला है। देश के 52 संस्थानों को इसमें शामिल किया गया है, जबकि 13 भारतीय विश्वविद्यालयों ने 'ग्लोबल टॉप- 550' में जगह बनाई है।

नई दिल्ली, 18 जून । क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में इस वर्ष भारत का दबदबा देखने को मिला है। देश के 52 संस्थानों को इसमें शामिल किया गया है, जबकि 13 भारतीय विश्वविद्यालयों ने 'ग्लोबल टॉप- 550' में जगह बनाई है।
वैश्विक रैंकिंग में देश के जिन विश्वविद्यालयों ने अपनी जगह बनाई है, उनमें एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में एम्स ने 105वें स्थान पर अपनी जगह मजबूत की है। इसी के साथ ये दुनिया की बेहतरीन मेडिकल यूनिवर्सिटीज में से एक बन गई है।
इसी को लेकर एम्स-दिल्ली ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट शेयर कर लिखा, "दुनिया की बेहतरीन यूनिवर्सिटीज में शामिल होने पर गर्व है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 105वें स्थान पर मौजूद एम्स दुनिया की बेहतरीन मेडिकल यूनिवर्सिटीज में से एक है।"
एम्स-दिल्ली ने पोस्ट में आगे लिखा, "यह मरीजों की देखभाल, टीचिंग और बेसिक, क्लिनिकल व ट्रांसलेशनल रिसर्च में बेहतरीन काम के दम पर आगे बढ़ रहा है। डायग्नोस्टिक किट और नई खोजों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल टेक्नोलॉजी को अपनाने और बेहतर गवर्नेंस के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता के साथ एम्स भारत और दुनिया के लिए हेल्थकेयर के भविष्य को आकार दे रहा है।"
बता दें कि एम्स-दिल्ली के अलावा क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में आईआईटी-दिल्ली दुनिया भर में 118वें स्थान के साथ भारत का सबसे ऊंची रैंकिंग वाला संस्थान बना हुआ है, जबकि इसमें आईआईटी-बॉम्बे और आईआईटी-मद्रास भी शामिल हैं।
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में आईआईटी दिल्ली लगातार दूसरे वर्ष भारत का सबसे ऊंची रैंकिंग वाला संस्थान बनकर उभरा है, जिसने 2026 में 123वें स्थान से 2027 में 118वें स्थान पर अपनी स्थिति में सुधार किया है।
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज की सबसे प्रतिष्ठित सालाना लिस्ट है, जिसे प्रत्येक वर्ष क्वाक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) पब्लिश करता है। यह छात्रों को वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा के बारे में निर्णय लेने में मदद करता है।
Source: IANS

