भारतीय सेना के उत्तरी कमान प्रमुख ने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा तैयारियों का लिया जायजा
भारतीय सेना के उत्तरी कमान के आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर गुरुवार को जारी एक पोस्ट के अनुसार, उत्तरी कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने दक्षिणी रूट की तैयारियों का जायजा लेने के लिए पहलगाम और चंदनवाड़ी का दौरा किया।

श्रीनगर, 18 जून । अमरनाथ यात्रा 2026 के आगामी शुरू होने से पहले भारतीय सेना ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। भारतीय सेना के उत्तरी कमान के आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर गुरुवार को जारी एक पोस्ट के अनुसार, उत्तरी कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने दक्षिणी रूट की तैयारियों का जायजा लेने के लिए पहलगाम और चंदनवाड़ी का दौरा किया।
लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा स्थिति का विस्तृत आकलन किया और ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने मौके पर तैनात अधिकारियों के साथ सुरक्षा प्रबंधनों, मौसम संबंधी चुनौतियों और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की।
सेना के बयान में कहा गया है, "श्री अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू होने से पहले लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने सुरक्षा स्थिति का जायजा लेने और दक्षिणी रास्ते पर ऑपरेशनल तैयारियों का आकलन करने के लिए पहलगाम और चंदनवाड़ी का दौरा किया। इंडियन आर्मी सभी संबंधित पक्षों के साथ बेहतर तालमेल, सतर्क सुरक्षा उपायों और पूरी तैयारियों के जरिए सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।"
अमरनाथ गुफा स्थित बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए हर वर्ष लाखों श्रद्धालु कश्मीर पहुंचते हैं। इस बार यात्रा की सुरक्षा को लेकर सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। दक्षिणी रूट (पहलगाम-चंदनवाड़ी-शेषनाग-पंजतरणी) के अलावा उत्तरी रूट (सोनमर्ग-बालटाल) पर भी तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।
सेना ने यात्रा मार्ग पर चौकसी बढ़ा दी गई है। ड्रोन निगरानी, हेलीकॉप्टर सर्विलांस और स्नाइपर टीमें तैनात की जा रही हैं। साथ ही, स्वास्थ्य सुविधाएं, ऑक्सीजन कैंप, रेस्क्यू टीमें और मौसम पूर्वानुमान की व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा रहा है। पिछले वर्षों में हुई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार खास सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं।
उत्तरी कमान के इस दौरे को यात्रा शुरू होने से पहले सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Source: IANS

