पवन कल्याण का सख्त एक्शन, सड़क तोड़ने के आरोपी वाईएसआरसीपी नेता पर गैर जमानती केस के आदेश
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री पवन कल्याण ने सोमवार को वाईएसआरसीपी नेता और अन्य लोगों के खिलाफ गैर-जमानती मामला दर्ज करने का आदेश दिया, जिन पर 'पल्ले पंडुगा' योजना के तहत निर्मित सड़क को नष्ट करने का आरोप है।
अमरावती, 19 अक्टूबर । आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री पवन कल्याण ने सोमवार को वाईएसआरसीपी नेता और अन्य लोगों के खिलाफ गैर-जमानती मामला दर्ज करने का आदेश दिया, जिन पर 'पल्ले पंडुगा' योजना के तहत निर्मित सड़क को नष्ट करने का आरोप है।
मुख्यमंत्री ने तिरुपति जिले के पुलमपेटा मंडल में अनंतसमुद्रम और पापक्कगरिपाले गांवों के बीच निर्मित सड़क के क्षतिग्रस्त होने को लेकर संज्ञान लिया। उन्होंने इंजीनियरिंग अधिकारियों को वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के नेता सुब्बा रेड्डी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया, जिन पर सरकारी संपत्ति को नष्ट करने का आरोप है।
उन्होंने अधिकारियों से सड़क को नष्ट करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ राजस्व वसूली अधिनियम लागू करने और उनसे हुए नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करने को कहा।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, पवन कल्याण ने सोमवार को पंचायत राज और ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ इंजीनियरिंग अधिकारियों के साथ घटना और आगे की कार्रवाई की समीक्षा की।
अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें कहा गया है कि सुब्बा रेड्डी नामक एक व्यक्ति ने वेंकटसुब्बा रेड्डी नामक एक अन्य व्यक्ति की सहायता से ट्रैक्टर का उपयोग करके सड़क के 100 मीटर हिस्से को जोत दिया था।
यह सड़क महज एक सप्ताह पहले 'पल्ले पंडुगा 3.0' परियोजना के तहत 4.75 करोड़ रुपए की लागत से बनाई गई थी। हाल ही में शुरू की गई 'पल्ले पंडुगा 3.0' राज्य सरकार के ग्रामीण विकास-उन्मुख कार्यक्रमों की शृंखला का तीसरा संस्करण है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों को आज शाम तक गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा।
पवन कल्याण ने अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई के बारे में स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित के लिए निर्मित सरकारी संपत्तियों को नष्ट करना एक अक्षम्य अपराध है और सड़क को नष्ट करने वाले व्यक्ति के खिलाफ गैरजमानती केस दायर करने का आदेश दिया।
जनसंपन्न धन से निर्मित सड़क को नष्ट करना एक दुर्भावनापूर्ण कृत्य बताते हुए उन्होंने जोर दिया कि इसमें शामिल नेताओं और उनका समर्थन करने वालों को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए। यह भी निर्णय लिया गया कि सरकार द्वारा जनहित के लिए उपलब्ध कराए गए बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान सभी के सामने उजागर की जानी चाहिए।
Source: IANS