भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए रामशरण नौटियाल, उत्तराखंड सरकार पर कांग्रेस का हमला
उत्तराखंड के प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया।
नई दिल्ली, 19 अक्टूबर । उत्तराखंड के प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा, उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या और कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल मौजूद रहे।
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में कुमारी सैलजा ने राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तराखंड में लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग न्याय की मांग करते हैं, उन्हें हिरासत में लिया जाता है। सैलजा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दे रही है और कांग्रेस लंबे समय से यह आरोप लगाती रही है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।
रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी पर उन्होंने कहा कि नौटियाल पहले भी कांग्रेस से जुड़े रहे हैं लेकिन परिस्थितियों के चलते भाजपा में चले गए थे। उन्होंने कहा कि भाजपा में उन्हें घुटन महसूस होने लगी थी और अब वे अपनी मूल राजनीतिक विचारधारा के साथ वापस लौटे हैं। सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में उन्होंने पहले भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं और पार्टी उनका स्वागत करती है।
वहीं, उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि रामशरण नौटियाल के कांग्रेस में लौटने से पार्टी को केवल देहरादून या किसी एक क्षेत्र में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में संगठनात्मक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि नौटियाल के अनुभव और जनसंपर्क का लाभ आगामी राजनीतिक गतिविधियों में कांग्रेस को मिलेगा।
कांग्रेस में शामिल होने के बाद रामशरण नौटियाल ने कहा कि उन्होंने किसी पद या जिम्मेदारी की मांग नहीं की है। उन्होंने कहा, ''मैंने केवल यह तय किया है कि फिर से कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़कर उसके लिए काम करूं। मैंने पार्टी से कोई कमिटमेंट नहीं लिया है बल्कि पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है और पूरी निष्ठा के साथ कार्य करूंगा।''
मुंबई में हाल ही में हुई फायरिंग की घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए नौटियाल ने कहा कि मुंबई देश का सबसे संवेदनशील महानगर है, जहां देश के लगभग हर राज्य और समुदाय के लोग रहते हैं। उन्होंने कहा कि गोलीबारी जैसी घटनाओं से आम लोगों में भय का माहौल बनता है और ऐसी परिस्थितियां किसी भी बड़े शहर के लिए चिंता का विषय हैं।
कार्यक्रम में कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने भी उत्तराखंड सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में लोग सरकार की कार्यशैली से नाराज हैं। महिला सुरक्षा और आम नागरिकों की सुरक्षा के मुद्दों पर सरकार का रवैया निराशाजनक रहा है।
सप्पल ने धामी सरकार के निवेश संबंधी दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये के निवेश का दावा किया जबकि तीन लाख करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छोटे स्तर के व्यवसायों और व्यक्तिगत निवेश को भी बड़ी निवेश उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है, जिससे निवेश की अवधारणा का मजाक बन गया है।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि इसी तरह निवेश की परिभाषा का विस्तार किया गया तो किसी व्यक्ति द्वारा फ्रिज खरीदने को ‘कोल्ड स्टोरेज निवेश’ और पकौड़े बेचने के काम को ‘फूड प्रोसेसिंग निवेश’ बताया जा सकता है। सप्पल ने कहा कि कांग्रेस सरकारों के दौरान राज्य में टाटा मोटर्स, अशोक लीलैंड जैसी बड़ी कंपनियों का निवेश आया था और कई औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए थे। उन्होंने कहा कि वास्तविक निवेश वही होता है, जो बड़े उद्योगों, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को बढ़ावा दे। वर्तमान सरकार का निवेश मॉडल केवल प्रचार तक सीमित है और अब उसकी वास्तविकता जनता के सामने आ रही है।
उन्होंने दावा किया कि धामी सरकार की निवेश नीति पूरी तरह विफल साबित हुई है और सरकार द्वारा तैयार किया गया प्रचार तंत्र अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है।
Source: IANS