बिहार: आवास खाली नहीं करने पर अड़ीं पूर्व सीएम राबड़ी देवी, कहा- फोर्स बुलाकर खाली कराएं
बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद नए सिरे से सरकारी आवासों का आवंटन किया गया है। अब इसे लेकर सियासत शुरू हो गई है।

पटना, 30 मई । बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद नए सिरे से सरकारी आवासों का आवंटन किया गया है। अब इसे लेकर सियासत शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने शनिवार को अपना सरकारी आवास खाली नहीं करने पर अड़ गई हैं। उन्होंने सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड खाली करने के सरकारी आदेश को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने मीडिया से बातचीत में साफ तौर पर कहा कि वे आवास नहीं खाली करेंगी। उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार चाहे तो पुलिस बल का प्रयोग कर सकती है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी निशाने पर लेते हुए कहा, "वे अभी-अभी मुख्यमंत्री बने हैं। वे फोर्स बुलाकर आवास खाली करवाएं। हम आवास खाली नहीं करेंगे।"
दरअसल, 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के पास लंबे समय से है। नई सरकार ने यह बंगला बिहार सरकार के मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया गया है। भवन निर्माण विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार, बंगले का आवंटन नंद किशोर राम के नाम कर दिया गया है। इसके साथ ही बंगले पर नए वीवीआईपी नेमप्लेट लगाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है, जिससे इसके औपचारिक हस्तांतरण का संकेत मिल रहा है।
इससे पहले विभाग ने बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को आधिकारिक नोटिस जारी कर 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का निर्देश दिया था। यह बंगला बिहार की राजनीति में विशेष महत्व रखता है। वर्षों तक यह आवास पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी से जुड़ा रहा। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की कई महत्वपूर्ण राजनीतिक बैठकों, रणनीतिक चर्चाओं और संगठनात्मक गतिविधियों का यह प्रमुख केंद्र माना जाता रहा है।
राज्य सरकार ने राबड़ी देवी को इसके बदले पटना के हार्डिंग रोड इलाके में नया सरकारी बंगला आवंटित किया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह आवास पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिलने वाली सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी प्रोटोकॉल के अनुरूप पूरी तरह तैयार किया गया है।
भवन निर्माण विभाग के सूत्रों का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और सरकारी आवास आवंटन से जुड़े निर्धारित नियमों के तहत लिया गया है। विभाग के अनुसार, मंत्रियों को उनके पद के अनुरूप श्रेणीबद्ध सरकारी आवास दिए जाते हैं और इसी प्रक्रिया के तहत 10 सर्कुलर रोड का बंगला नंदकिशोर राम को आवंटित किया गया है।
Source: IANS
