सीमावर्ती स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस समारोह न होने पर एनएचआरसी ने

नई दिल्ली, 19 अगस्त । पंजाब के ग्रामीण, दूरदराज और सीमावर्ती इलाकों के सरकारी स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित नहीं किए जाने की शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने संज्ञान लिया है। प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली एनएचआरसी बेंच ने पंजाब सरकार से इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

एनएचआरसी ने यह पता लगाने को कहा है कि क्या इन क्षेत्रों के बच्चों को केवल स्कूलों की भौगोलिक स्थिति के कारण राष्ट्रीय पर्व से जुड़े समान अवसरों से वंचित होना पड़ा।

एनएचआरसी ने पंजाब सरकार से 15 अगस्त 2026 को राज्य के सरकारी स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किए जाने का राज्यवार, जिलावार और स्कूलवार विवरण मांगा है। रिपोर्ट में यह बताना होगा कि कितने स्कूलों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, राष्ट्रगान हुआ और छात्रों ने समारोह में भाग लिया।

बेंच ने सरकार को उन स्कूलों की भी पहचान करने का निर्देश दिया है, जहां निर्धारित गतिविधियां आयोजित नहीं की गईं। साथ ही, नियमों का पालन नहीं किए जाने के कारणों की जानकारी भी मांगी गई है। आयोग ने विशेष रूप से ग्रामीण, दूरदराज और सीमावर्ती इलाकों के स्कूलों की स्थिति की जांच करने को कहा है।

शिकायत में आशंका जताई गई है कि ऐसे स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर होने वाली शैक्षिक, सांस्कृतिक और नागरिक गतिविधियों में भाग लेने से वंचित रह गए होंगे। आयोग ने इस बात की भी जांच करने को कहा है कि इन क्षेत्रों के बच्चों और राज्य के अन्य हिस्सों में पढ़ने वाले बच्चों को राष्ट्रीय पर्व मनाने के अवसरों में कोई अंतर तो नहीं रहा।

एनएचआरसी बेंच ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस बच्चों को देश के स्वतंत्रता संग्राम, संविधान, राष्ट्रीय प्रतीकों, नागरिक कर्तव्यों, राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण अवसर है। ऐसे में किसी भी क्षेत्र के बच्चों को इन अवसरों से वंचित किया जाना गंभीरता से जांचे जाने की जरूरत है।

आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव को चार सप्ताह के भीतर विस्तृत कार्रवाई एवं अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय से भी संबंधित जानकारी मांगी गई है। उचित कार्रवाई के लिए गृह मंत्रालय को मामले से अवगत कराया गया है।

अब एनएचआरसी की रिपोर्ट के जरिए यह स्पष्ट होगा कि पंजाब के सीमावर्ती और दूरदराज इलाकों के सरकारी स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस समारोहों के आयोजन में वास्तव में कोई कमी रही या नहीं और यदि रही, तो उसके लिए जिम्मेदार परिस्थितियां क्या थीं।

Source: IANS

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