नंदीग्राम उपचुनाव : कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को कलकत्ता

कोलकाता, 22 सितंबर । कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल-न्यायाधीश पीठ ने मंगलवार को आगामी नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की याचिका में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

याचिका में प्रधान ने 2007 में उनके खिलाफ दर्ज पांच मामलों में सुरक्षा की मांग की थी।

प्रधान पहले से ही पश्चिम बंगाल की एक जिला अदालत के अलग-अलग आदेशों के बाद दो अन्य मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं। 2007 में उनके खिलाफ दर्ज एक हत्या के मामले में उन्हें तीन अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

एक अन्य मामले में, उसी अदालत ने उन्हें 5 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जिला न्यायालय के न्यायाधीश ने पुलिस को 23 सितंबर को उन्हें अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देश भी दिया।

इसी बीच, प्रधान ने अपने वकील के माध्यम से उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल-न्यायाधीश पीठ से संपर्क कर तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार के दौरान नंदीग्राम में भूमि अधिग्रहण आंदोलन से संबंधित 2007 में उनके खिलाफ दर्ज पांच मामलों में गिरफ्तारी सहित पुलिस की दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा की मांग की।

मामले की सुनवाई मंगलवार दोपहर को हुई। संक्षिप्त सुनवाई के बाद, न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और कहा कि पांचों मामलों में हाई कोर्ट के किसी निर्देश की आवश्यकता नहीं है।

सुनवाई के दौरान, प्रधान के वकील अयान भट्टाचार्य ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को 19 साल पुराने मामले में, विशेष रूप से नंदीग्राम उपचुनाव से ठीक पहले, जिस तरह से गिरफ्तार किया गया, उससे पता चलता है कि राज्य प्रशासन लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अस्थिर करने का प्रयास कर रहा है।

हालांकि, राज्य के वकील और अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने तर्क दिया कि प्रधान को उपचुनाव से पहले सभी लंबित गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंटों को निष्पादित करने के निर्देशों के बाद गिरफ्तार किया गया था।

नंदीग्राम और मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव 6 अक्टूबर को होंगे और मतगणना 9 अक्टूबर को निर्धारित है।

प्रधान को 18 सितंबर की शाम को गिरफ्तार किया गया था।

Source: IANS

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