पिछड़ों की लड़ाई लड़ने जा रहे अखिलेश यादव, कुछ लोगों के पेट में हो

प्रयागराज, 24 सितंबर । उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले पोस्टर वार तेज हो गया है। एक तरफ समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव को श्रीकृष्ण के रूप में दिखा रही है तो वहीं भाजपा, "अखिलेश के माफिया, माफिया के अखिलेश" जैसे नारों वाले पोस्ट लगा रही है। इस बीच सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने इसको लेकर आईएएनएस से बातचीत में बड़ा बयान दिया है।

अखिलेश यादव को लेकर लगे विवादित पोस्टर पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा ने ही हमारे पिछड़ी जाति से आने वाले विधायक को प्रशासन से अपमानित कराने का काम किया। अब जब अखिलेश यादव पिछड़े समाज के लोगों की लड़ाई लड़ने जा रहे हैं, तो कुछ लोगों के पेट में दर्द हो रहा है। ये वही लोग हैं जो दलितों और पिछड़ों को अपमानित करने का काम कर रहे हैं, जो अल्पसंख्यकों को अपमानित करने और पिछड़ों का हक खाने का काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और पीडीए समाज भाजपा से डरने वाला नहीं है। इनके पोस्टरों से कोई विचलित होने वाला नहीं है। पोस्टर लगते रहेंगे, लेकिन समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक और पीड़ितों के सम्मान की लड़ाई लड़ते रहेंगे। यह पीडीए रथ यात्रा पिछड़ों के सम्मान की शुरुआत है।"

वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार को बछरावां से रायबरेली तक पीडीए रथ यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। इस यात्रा को लेकर सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछड़ों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। उनके साथ सिर्फ आरक्षण को लेकर अन्याय नहीं हो रहा, बल्कि उन्हें अपमानित भी किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, "जिस तरह से रायबरेली में हमारे पिछड़ी जाति के विधायकों को भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर प्रशासन द्वारा अपमानित करने का काम किया गया, वह बेहद निंदनीय है। इसलिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने निर्णय लिया है कि पीडीए रथ यात्रा की शुरुआत वहीं से होगी, जहां पिछड़ों को अपमानित किया गया है।"

उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव आज बछरावां से यात्रा शुरू कर रायबरेली तक जाएंगे और वहां विधायक के आवास पर जाकर चाय पिएंगे। यह यात्रा पिछड़ों के सम्मान और उनके अधिकारों को दिलाने की शुरुआत है।

अखिलेश यादव के दौरे से पहले रायबरेली में एक पोस्ट में अखिलेश यादव को श्रीकृष्ण के रूप में दिखाने को लेकर फखरुल हसन चांद ने कहा कि समाजवादी पार्टी को इस पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है। उन्होंने कहा, "कार्यकर्ताओं की, पीडीए समाज की और आम जनता की जो भावनाएं होती हैं, वे उसे अपने पोस्टरों में लिखते हैं। यह उनकी अपनी श्रद्धा और भावना है। इस पर समाजवादी पार्टी कोई टिप्पणी नहीं करेगी।"

Source: IANS

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