ग्लेन मैक्सवेल ने 14 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर को दिया विराम, कभी नहीं भूलेगी 2023 वर्ल्ड कप की वो पारी
ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है।
नई दिल्ली, 3 नवंबर । ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है। मैक्सवेल ने सोमवार देर रात अपने संन्यास का ऐलान किया। इस फैसले के साथ ही उनके 14 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत हो गया। हालांकि, वह लीग क्रिकेट में सक्रिय रहेंगे।
38 साल के मैक्सवेल ने 25 अगस्त 2012 को अफगानिस्तान के खिलाफ शारजाह में वनडे मुकाबले से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। इसी साल सितंबर में पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने अपने टी20 करियर का आगाज किया। मार्च 2013 में भारत के खिलाफ इस ऑलराउंडर ने अपने टेस्ट करियर का आगाज किया था।
दाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज और दाएं हाथ से ही ऑफ स्पिन गेंदबाजी करने वाले मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया के लिए महज 7 टेस्ट खेले, जिसमें 1 शतक की मदद से 339 रन बनाने के अलावा 8 विकेट लिए। उनका वनडे और टी20 करियर लंबा और बेहद सफल रहा।
4 मार्च 2025 को भारत के खिलाफ अपना आखिरी वनडे खेलने वाले इस खिलाड़ी ने 149 वनडे मैचों में 4 शतक और 23 अधर्शतक लगाते हुए 3,990 रन बनाए। उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 201 रन है। इसके अलावा, 77 विकेट भी उन्होंने लिए हैं।
20 फरवरी 2026 को अपना आखिरी टी20 खेलने वाले मैक्सवेल इस फॉर्मेट में ऑस्ट्रेलिया के सर्वाधिक सफल खिलाड़ियों में एक हैं। इस दिग्गज ऑलराउंडर ने 130 टी20 मैचों में 5 शतक और 12 अर्धशतक की मदद से 2,897 रन बनाए हैं और 51 विकेट हासिल किए हैं।
मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया के लिए एक मैच विनर रहे। अपने करियर के दौरान अकेले दम उन्होंने गेंद और बल्ले से कई बार विपक्षी टीम से जीत छिनकर ऑस्ट्रेलिया की झोली में डाला। ऐसी ही एक ऐतिहासिक पारी उन्होंने वनडे विश्व कप 2023 में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली थी जिसे दुनियाभर के क्रिकेट फैंस हमेशा याद रखेंगे। मैक्सवेल की इस पारी को क्रिकेट इतिहास की श्रेष्ठतम पारियों में एक माना जाता है।
वनडे विश्व कप 2023 में अफगानिस्तान के दिए 292 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने 18.3 ओवर में 91 के स्कोर पर अपने 7 विकेट गंवा दिए थे। यहां ऑस्ट्रेलिया की हार स्पष्ट दिख रही थी, लेकिन क्रीज पर मैक्सवेल मौजूद थे, जो उस दिन इतिहास रचने आए थे।
मैक्सवेल ने कप्तान पैट कमिंस के साथ मिलकर 202 रन की नाबाद साझेदारी की और ऑस्ट्रेलिया को 3 विकेट से जीत दिला दी। इस साझेदारी में कमिंस का योगदान महज 12 रन का था।
मैक्सवेल ने 128 गेंदों पर 10 छक्के और 21 चौकों की मदद से नाबाद 201 रन की पारी खेल ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलायी थी। बाएं पैर में इंजरी और कई बार पारी के दौरान दर्द की वजह से मैदान पर लेट गए मैक्सवेल ने छक्के से अपना दोहरा शतत पूरा करते हुए ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलायी थी। ऑस्ट्रेलिया ने 46.5 ओवर में 7 विकेट पर 293 रन बनाकर जीत हासिल की थी। मैक्सवेल ऑस्ट्रेलिया की तरफ से वनडे में दोहरा शतक लगाने वाले एकमात्र बल्लेबाज हैं। उनकी यह पारी क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा है। फैंस मैक्सवेल की इस पारी को कभी नहीं भूलेंगे।
मैक्सवेल 2015 और 2023 में वनडे विश्व कप जीतने वाली और 2021 में टी20 विश्व कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम के सदस्य थे।
Source: IANS