एशियन टेबल टेनिस चैंपियनशिप: 72 साल का सूखा खत्म, हरमीत-यशस्वीनी की

ताशकंद, 23 अक्टूबर । भारत के हरमीत देसाई और यशस्वीनी घोरपड़े ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। शुक्रवार को ताशकंद में चल रही एशियन टेबल टेनिस चैंपियनशिप के मिक्स्ड डबल्स इवेंट में इस जोड़ी ने भारत के लिए एक मेडल पक्का कर लिया है।

भारतीय जोड़ी सेमीफाइनल में पहुंच गई है, जिससे एशियन टेबल टेनिस चैंपियनशिप के मिक्स्ड डबल्स इवेंट में 72 साल बाद भारत के लिए मेडल पक्का हो गया है। इससे पहले भारत ने इस इवेंट में आखिरी बार 1954 में मिक्स्ड डबल्स में मेडल जीता था। सेमीफाइनल में जगह बनाकर हरमीत और यशस्वीनी ने कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया है। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में साउथ कोरिया के पार्क गैंगह्योन और ली डेउन को 3-2 से हराया।

अब सेमीफाइनल में हरमीत और यशस्वीनी का मुकाबला जापान के सोरा मात्सुशिमा और मिवा हारिमोटो से होगा, जिसमें जीतने वाली जोड़ी फाइनल में अपनी जगह बनाएगी। एक अन्य भारतीय मिक्स्ड जोड़ी, पायस जैन और सिंड्रेला दास मेडल पक्का करने से चूक गई। उन्हें क्वार्टर फाइनल में चीन के यी चेन और हुआंग युझेंग से 0-3 से हार का सामना करना पड़ा।

हरमीत हाल ही में हुए एशियन गेम्स का भी हिस्सा थे, लेकिन जिन तीन इवेंट्स में उन्होंने भाग लिया, उनमें से किसी में भी वह मेडल नहीं जीत सके। उन्होंने मेंस टीम इवेंट में हिस्सा लिया था, जहां भारत राउंड ऑफ 16 तक तो पहुंचा, लेकिन साउथ कोरिया से हार गया। मिक्स्ड डबल्स में उन्होंने यशस्वीनी के साथ जोड़ी बनाई थी, जहां वे क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे, लेकिन चीन के लिन शिदोंग और कुआई मैन से हार गए।

उन्होंने सत्यन ज्ञानसेकरन के साथ मेंस डबल्स इवेंट में भी हिस्सा लिया था। हालांकि, तीसरे राउंड में उन्हें जापान के सोरा मात्सुशिमा और शुनसुके तोगामी से हार का सामना करना पड़ा और वह टूर्नामेंट से बाहर हो गए। यशस्वीनी भी एशियन गेम्स से खाली हाथ लौटी थीं। वह विमेंस सिंगल्स के तीसरे राउंड में जापान की मिवा हारिमोटो से हार गई थीं। यशस्विनी और दिया चितले महिला डबल्स के क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थीं, जहां उन्हें चीन की फैन शुहान और चेन यी ने 0-3 से हरा दिया था।

Source: IANS

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