यूएई रक्षा मंत्रालय का दावा, एयर डिफेंस सिस्टम से ईरानी मिसाइल और ड्रोन किए नाकाम
यूएई रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 28 फरवरी से शुरू हुए ईरानी हमलों के दौरान यूएई एयर फोर्स और एयर डिफेंस फोर्स ने अब तक 165 बैलिस्टिक मिसाइलें, दो क्रूज मिसाइलें और कई ड्रोन नष्ट किए हैं।
नई दिल्ली, 1 मार्च। यूएई रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 28 फरवरी से शुरू हुए ईरानी हमलों के दौरान यूएई एयर फोर्स और एयर डिफेंस फोर्स ने अब तक 165 बैलिस्टिक मिसाइलें, दो क्रूज मिसाइलें और कई ड्रोन नष्ट किए हैं।
इन घटनाओं में तीन विदेशी नागरिकों की मौत और 58 लोगों के मामूली चोटिल होने की जानकारी मिली। मंत्रालय ने कहा कि एयर डिफेंस प्रणाली की क्षमता ने नागरिकों और संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
मंत्रालय ने कहा कि हमले के दूसरे दिन सुबह यूएई एयर फोर्स और एयर डिफेंस फोर्स ने 20 बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट कर दिया, जबकि आठ मिसाइलें समुद्र में गिर गईं। उन्होंने दो क्रूज मिसाइलों और 311 ड्रोन को भी नष्ट कर दिया। हालांकि, 21 ड्रोन ने आम लोगों के ठिकानों पर हमला किया। मंत्रालय ने अलग-अलग खतरों से निपटने के लिए यूएई एयर फोर्स और एयर डिफेंस की क्षमता की पुष्टि की।
इसमें बताया गया कि 28 फरवरी को ईरानी हमले की शुरुआत के बाद से ईरान से यूएई की ओर लॉन्च की गई 165 बैलिस्टिक मिसाइलों का पता चला है। इनमें से 152 नष्ट हो गईं, जबकि 13 समुद्र में गिर गईं। दो क्रूज मिसाइलों का भी पता कर उन्हें नष्ट कर दिया गया।
कुल 541 ईरानी ड्रोन का पता चला, जिनमें से 506 को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, जबकि 35 देश के अंदर गिरे, जिससे नुकसान हुआ। इन घटनाओं में पाकिस्तानी, नेपाली और बांग्लादेशी नागरिकों में से तीन की मौत हो गई। वहीं, अमीराती, मिस्र, इथियोपियाई, फिलीपींस, पाकिस्तानी, ईरानी, भारतीय, बांग्लादेशी, श्रीलंकाई, अजरबैजानी, यमनी, युगांडा, इरिट्रिया, लेबनानी और अफगान नागरिकों में से 58 मामूली रूप से घायल हुए।
मंत्रालय ने बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम से बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के कारण देश के अलग-अलग इलाकों में कुछ मलबा गिरा, जिससे कई आम लोगों की संपत्तियों को मामूली से लेकर मध्यम नुकसान हुआ।
मंत्रालय ने किसी भी खतरे से निपटने के लिए अपनी पूरी तैयारी जताई और जोर दिया कि नागरिकों, निवासियों और विजिटर्स की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है, जिससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
Source: IANS