स्पेन और मोरक्को के बीच आरोप-प्रत्यारोप, 2,500 अवैध प्रवासी अभी भी

स्यूटा, 4 अगस्त । स्पेन के शहर स्यूटा में प्रवासी संकट के एक सप्‍ताह बाद भी करीब 2,500 अवैध प्रवासी अब भी स्यूटा में मौजूद हैं। इनमें ज्यादातर मोरक्को के नागरिक हैं, लेकिन कुछ लोग उप-सहारा अफ्रीका के देशों से भी हैं।

स्यूटा में, प्रवासियों के भारी संख्या में आने से यूरोपीय संघ (ईयू) स्तर पर पैदा हुए संकट के चार दिन बाद, शहर का केंद्र धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट रहा है।

अखबार 'एल पेस' के अनुसार, ताराजाल बीच, जो पिछले हफ्ते मोरक्को से आने वाले प्रवासियों का मुख्य प्रवेश बिंदु था, वहां कल कुछ लोग समुद्र किनारे घूमते और नहाते हुए दिखाई दिए। संकट शुरू होने के बाद यह पहली बार था।

शहर के केंद्र में, जहां सिविल गार्ड और सेना तैनात हैं, पर्यटक फिर से लौटने लगे हैं। लेकिन मुख्य इलाके से बाहर हालात अलग हैं। स्पेनिश अधिकारियों के मुताबिक, करीब 2,500 अवैध प्रवासी अभी भी स्यूटा में मौजूद हैं।

इतालवी समाचार एजेंसी एडीएनक्रोनोस की रिपोर्ट के अनुसार, शहर का प्रवासी स्वागत केंद्र पूरी तरह भर चुका है और वहां अब किसी नए व्यक्ति के लिए जगह नहीं बची है।

रिपोर्टों के अनुसार, कई लोगों ने सिदी एम्बारेक मुस्लिम कब्रिस्तान में शरण ले रखी है। वे कब्रों के ऊपर सोते हैं और वहीं किसी तरह अपनी साफ-सफाई भी कर लेते हैं।

'एल पेस' के रिपोर्टर के मुताब‍िक, प्रवासियों और स्यूटा के स्थानीय लोगों में मीडिया के प्रति काफी नाराजगी है। इसकी वजह यह है कि दुनिया भर से बड़ी संख्या में पत्रकार इस इलाके में पहुंचे हैं। हाडू इलाके के एक निवासी ने बताया कि यहां 'चीन और रूस' सहित कई देशों के पत्रकार भी आए हुए हैं।

इस बीच, संकट को संभालने के तरीके को लेकर स्पेन और मोरक्को के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। मोरक्को का कहना है कि उसने पहले ही स्पेन को उस खतरे के बारे में आगाह कर दिया था, जो स्पेन के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद पैदा हो सकता था। इस फैसले ने समुद्र के रास्ते आने वाले प्रवासियों को वापस भेजने की प्रक्रिया को और जटिल बना दिया है।

मोरक्को ने कहा, "हमने समझाया था कि यह फैसला हमारे लिए समस्या पैदा करेगा, और आखिरकार वही हुआ।"

इसके जवाब में स्पेन सरकार की प्रवक्ता एल्मा साइज ने कहा, "किसी भी समय ऐसा कोई संकेत या रिपोर्ट नहीं मिली थी, जिससे इस अभूतपूर्व घटना के इतने बड़े स्तर का अंदाजा लगाया जा सके।"

Source: IANS

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