ओमान के तट पर लापता भारतीय नाविक की तलाश और बचाव अभियान जारी: विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने मंगलवार को कहा कि ओमान के तट पर रविवार को 14 भारतीयों को ले जा रहे एक कमर्शियल जहाज पर हमले के बाद, लापता भारतीय नाविक की तलाश और बचाव अभियान जारी है।

नई दिल्ली, 15 सितंबर । विदेश मंत्रालय (एमईए) ने मंगलवार को कहा कि ओमान के तट पर रविवार को 14 भारतीयों को ले जा रहे एक कमर्शियल जहाज पर हमले के बाद, लापता भारतीय नाविक की तलाश और बचाव अभियान जारी है।
नई दिल्ली में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान, विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "लापता नाविक के बारे में बता दें कि यह हमला ओमान के तट के पास हुआ था। यह पनामा के झंडे वाला जहाज था जिस पर 14 भारतीय नागरिक या नाविक सवार थे। इनमें से 13 को बचा लिया गया है और हम अपने नागरिकों को बचाने के लिए ओमान के अधिकारियों का बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं। एक भारतीय नागरिक लापता है। वह नाविक जहाज पर ही था। ओमान के अधिकारियों की मदद से खोज और बचाव अभियान जारी है।"
उन्होंने कहा कि ओमान में भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और चल रहे अभियान में ओमान के अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से तालमेल बिठा रहा है।
एमईए के प्रवक्ता ने कहा, "हम तनाव को तुरंत कम करने और इलाके में शांति लाने के लिए बातचीत और कूटनीति अपनाने की अपनी अपील दोहराते हैं। इसके साथ ही, मैं यह कहना चाहता हूं कि इस इलाके में कमर्शियल शिपिंग, नाविकों, आम नागरिकों और आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना हमें मंजूर नहीं है। हम यह भी अपील करते हैं कि इलाके में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय जलमार्गों से स्वतंत्र और सुरक्षित आवाजाही और व्यापार का प्रवाह जल्द से जल्द बहाल किया जाए।"
रविवार को, विदेश मंत्रालय ने ओमान के तट के पास कमर्शियल जहाज एमटी ईआई जीएआइए पर हुए हमले की निंदा की थी। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने कहा कि एक सुपर ऑयल टैंकर, जो जलमार्ग के दक्षिण में 'वर्जित' रास्ते से होर्मुज जलडमरूमध्य (स्टेट्र ऑफ होर्मुज) को पार करने की कोशिश कर रहा था, नौसैनिक बारूदी सुरंगों (नेवल माइन्स) से टकराने के बाद उसमें विस्फोट हो गया और आग लग गई।
आईआरजीसी के आधिकारिक समाचार आउटलेट, 'सेपाह न्यूज' पर जारी एक बयान में नौसेना ने कहा कि "ईआई जीएआईए" नाम के टैंकर पर लगी आग को बुझाने की कोशिशें बेकार रहीं और पूरा जहाज आग की लपटों में घिर गया।
इसमें यह भी कहा गया कि रणनीतिक जलमार्ग में "गैर-कानूनी" रास्ते का इस्तेमाल करने के खतरों के बारे में चेतावनी जारी की गई थी। साथ ही इस बात पर जोर दिया गया कि जलडमरूमध्य बंद है और ईरान की नौसेना बलों के नियंत्रण में है।
Source: IANS

