नई दिल्ली : ज्वेलरी किटी स्कीम के जरिए 700 से ज्यादा लोगों से

नई दिल्ली, 15 सितंबर । दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) ने मंगलवार को एक 24 वर्ष के व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जिस पर आरोप है कि उसने ज्वेलरी किटी स्कीम के जरिए 700 से ज्यादा लोगों से लगभग 1.5 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की।

आरोपी की पहचान अनिकेत वर्मा के तौर पर हुई है, जिसने लोगों को हर महीने 1,000 रुपए जमा करने के लिए लुभाया। उसने वादा किया कि 24 महीने की किटी स्कीम पूरी होने पर उन्हें 28,000 रुपए की कीमत के गहने या उतनी ही कीमत की कोई चीज मिलेगी।

ईओडब्ल्यू के अनुसार, आईपीसी की धाराओं 420, 406 और 120बी के तहत एफआईआर 8 अक्टूबर 2025 को दर्ज की गई, जिसमें कई पीड़ित शामिल थे। यह मामला जगतपुर, बुराड़ी में 'बाबा श्याम गिरी ज्वेलर्स' के मालिक नरेश कुमार वर्मा और उनके बेटे अनिकेत वर्मा के खिलाफ कई पीड़ितों की शिकायत पर दर्ज किया गया था।

आरोपी बुराड़ी इलाके में ज्वेलरी किटी सोसाइटी और कमेटियां चलाते थे। वे लोगों को स्कीम पूरी होने पर अच्छा रिटर्न या उतनी ही कीमत के गहने देने का भरोसा दिलाकर पैसे जमा करने के लिए राजी करते थे। बड़ी संख्या में लोगों को शामिल करके आरोपियों ने 700 से ज्यादा पीड़ितों से लगभग 1.5 करोड़ रुपए जमा किए।

जांच के दौरान ईओडब्ल्यू को पता चला कि आरोपी किटी सोसाइटी के सदस्यों से नकद किश्तें लेते थे। पेमेंट की पुष्टि करने वाली और आरोपियों के हस्ताक्षर वाली हाथ से लिखी रसीदें पीड़ितों से हासिल की गईं और जब्त की गईं, जिनसे कथित तौर पर जमा किए गए पैसों का दस्तावेजी सबूत मिला।

जांच में यह भी पता चला कि दोनों आरोपी अपनी संपत्तियां बेचकर दिल्ली से भाग गए थे और शुरू में उनके ठिकाने का पता नहीं चल सका था। इसके बाद, वर्मा परिवार के खिलाफ 'लुक आउट सर्कुलर' (एलओसी) जारी किए गए ताकि उन्हें पकड़ा जा सके। आगे की जांच में पता चला कि आरोपी दुबई चले गए थे, जहां वे अपने परिवार के साथ रह रहे थे।

ईओडब्ल्यू को 10 सितंबर को सूरत एयरपोर्ट पर अनिकेत वर्मा को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिली। इस जानकारी के बाद, एसीपी वीरेंद्र काद्यान की देखरेख में ईओडब्ल्यू के सेक्शन-I के सब-इंस्पेक्टर राहुल तोमर और हेड कॉन्स्टेबल अनिल कुमार की एक टीम सूरत गई और उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने कहा कि पीड़ितों की सही संख्या, जमा की गई कुल रकम, पैसों के लेन-देन का ब्योरा और इस कथित धोखाधड़ी में अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। कानूनी और कूटनीतिक तरीकों से सह-आरोपी नरेश कुमार वर्मा को पकड़ने की कोशिशें भी की जा रही हैं, जो अभी दुबई में रह रहा है।

पुलिस ने बताया कि नरेश कुमार वर्मा का बेटा अनिकेत 24 वर्ष का है और उसने दिल्ली से 12वीं तक की पढ़ाई की है। वह और उसका परिवार पहले यमुना विहार में रहते थे और ज्वेलरी का कारोबार करते थे। वे यमुना विहार और बुराड़ी में ज्वेलरी की दो दुकानें चलाते थे।

ईओडब्ल्यू के मुताबिक, आरोपी और उसके पिता पिछले 10-12 वर्षों से किटी सोसाइटी और कमेटियां चला रहे थे और उन्होंने करीब 1,200 लोगों के साथ धोखाधड़ी की। इसके बाद, परिवार ने कथित तौर पर दिल्ली में अपनी प्रॉपर्टी बेच दी और दुबई भाग गया।

Source: IANS

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