मेघालय में शुरू हुआ भारत-म्यांमार की सेनाओं का युद्धाभ्यास
भारत और म्यांमार की सेनाओं ने संयुक्त सैन्य अभ्यास की शुरुआत की है। मेघालय के उमरोई में मंगलवार से इस युद्धाभ्यास ‘इम्बैक्स 2026’ के पांचवे संस्करण की शुरुआत हुई।

नई दिल्ली, 15 सितंबर । भारत और म्यांमार की सेनाओं ने संयुक्त सैन्य अभ्यास की शुरुआत की है। मेघालय के उमरोई में मंगलवार से इस युद्धाभ्यास ‘इम्बैक्स 2026’ के पांचवे संस्करण की शुरुआत हुई। इस अभ्यास में भारतीय सेना की स्वदेशी सैन्य क्षमता म्यांमार के सैनिकों के सामने आएगी।
म्यांमार के सैन्य दल को भारतीय सेना में इस्तेमाल हो रहे विभिन्न स्वदेशी हथियारों और उपकरणों को देखने का मौका मिलेगा।
गौरतलब है कि यह भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता को बढ़ावा देने की सोच के अनुरूप है। यह अभ्यास 28 सितंबर तक चलेगा। दोनों देशों के सैनिक अगले 14 दिनों तक साथ प्रशिक्षण करेंगे। इस अभ्यास में दोनों सेनाएं संयुक्त राष्ट्र के अधिदेश के तहत होने वाले अभियानों की तैयारी करेंगी। इसके लिए सैनिकों को एक साथ प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अभ्यास का मकसद दोनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल विकसित करना है। साथ ही संयुक्त अभियानों के दौरान एक-दूसरे के साथ प्रभावी ढंग से काम करने की क्षमता बढ़ाना है। इम्बैक्स के दौरान दोनों देशों के सैनिक अपने अनुभव साझा करेंगे। वे अभियानों में अपनाए जाने वाले बेहतर तौर-तरीकों को भी समझेंगे। इससे दोनों सेनाओं के बीच आपसी समझ बढ़ेगी। सैन्य सहयोग और आपसी सौहार्द को भी मजबूती मिलेगी।
म्यांमार का सैन्य दल भारतीय सेना में इस्तेमाल किए जा रहे विभिन्न स्वदेशी हथियारों और उपकरणों को देख सकेंगे। यह पहल ‘जय से विजय’ की सोच के अनुरूप है। आईएमबैक्स 2026 सिर्फ संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। इसके जरिए दोनों देशों के सैनिक एक-दूसरे की परिचालन क्षमता को करीब से समझेंगे। साथ काम करने से आपसी भरोसा भी बढ़ेगा।
भारत और म्यांमार का यह अभ्यास क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए दोनों देशों की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। संयुक्त प्रशिक्षण और सैन्य अनुभवों के आदान-प्रदान से दोनों सेनाओं के बीच सहयोग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। अभ्यास के दौरान सैनिकों के बीच आपसी मेलजोल और सौहार्द बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।
संयुक्त प्रशिक्षण के जरिए दोनों सेनाओं के बीच सैन्य संबंधों को मजबूत करने का अवसर मिलेगा। इससे भविष्य में संयुक्त अभियानों के दौरान बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिल सकती है। सैनिक यहां एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझेंगे। बेहतर सैन्य तौर-तरीकों और अभियानों से जुड़े अनुभव भी साझा किए जाएंगे।
Source: IANS

