तबाह हो चुका ईरान किसी भी कीमत पर चाहता है डील, पुनर्निर्माण में

वाशिंगटन, 7 मई | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वाशिंगटन ने ईरान के साथ बातचीत में प्रगति की है और संकेत दिया है कि जल्द ही एक संभावित समझौता हो सकता है। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तेहरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता।

बुधवार (स्थानीय समय) को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "ईरान किसी भी कीमत पर समझौता करना चाहता है। पिछले 24 घंटों में हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई है और यह पूरी तरह संभव है कि हम समझौता कर लें।" ट्रंप ने इस बात को खारिज कर दिया कि ईरान अब भी अड़ियल रवैया अपनाए हुए है।

ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते, यह बहुत सीधी सी बात है। संघर्ष के दौरान ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।उनके पास 159 जहाजों वाली नौसेना थी और अब हर जहाज टुकड़े-टुकड़े होकर पानी की तलहटी में पड़ा है। उनके पास वायुसेना थी, बहुत सारे विमान थे, और अब उनके पास एक भी विमान नहीं बचा है।”

उन्होंने आगे दावा किया कि ईरान की विमानरोधी प्रणालियां, रडार क्षमताएं और मिसाइल भंडार लगभग पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं। उनके सभी नेता मर चुके हैं। इसलिए मुझे लगता है कि हम जीत गए हैं।

ट्रंप ने कहा कि अगर संघर्ष अभी रुक जाता है तो ईरान को सैन्य रूप से उबरने में दशकों लग जाएंगे। अगर हम अभी ईरान छोड़ दें, तो उन्हें पुनर्निर्माण में 20 साल लग जाएंगे।" जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें तेहरान के साथ समझौते के लिए कोई समय सीमा है, तो उन्होंने कहा कि कोई समय सीमा नहीं है। यह हो जाएगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस संघर्ष के आर्थिक परिणामों के बारे में कहा कि गंभीर तेल संकट की आशंकाओं के बावजूद अमेरिकी वित्तीय बाजार लचीला बना हुआ है। मुझे लगा था कि तेल की कीमतें 200-250 डॉलर तक जाएंगी लेकिन अभी यह 100 डॉलर पर ही है। ट्रंप ने कहा, "जब हमने यह युद्ध शुरू किया था तो उन्हें उम्मीद थी कि संघर्ष के दौरान अमेरिकी बाजारों में भारी गिरावट आएगी, लेकिन तब की तुलना में अब शेयर बाजार ऊपर है।"

ट्रंप ने वेनेजुएला में प्रमुख अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों की नए सिरे से दिखाई गई रुचि का भी जिक्र किया और व्हाइट हाउस में एक्सॉनमोबिल और शेवरॉन के अधिकारियों के साथ हुई चर्चाओं का जिक्र किया।

दूसरी ओर, ईरान ने बुधवार को उन रिपोर्टों का खंडन किया है जिनमें कहा गया है कि दोनों पक्ष शत्रुता समाप्त करने के लिए एक पृष्ठ के समझौते के करीब हैं।

अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने हालिया मीडिया रिपोर्टों को मनगढ़ंत बताया और कहा कि ये खबरें जमीनी हकीकत को दर्शाने के बजाय वैश्विक बाजारों को प्रभावित करने और तेल की कीमतों को कम करने के लिए बनाई गई थीं।

फार्स ने दो अज्ञात सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि ईरान ने अभी तक अमेरिका के उस ताजा संदेश का जवाब नहीं दिया है, जो पाकिस्तान के माध्यम से भेजा गया था। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि तेहरान अभी अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है और अपना आकलन पूरा करने के बाद जवाब देगा।

Source: IANS

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