इंडोनेशिया में माउंट डुकानो ज्वालामुखी के फटने से तीन की मौत

जकार्ता, 8 मई । इंडोनेशिया के नॉर्थ मालुकु प्रांत में शुक्रवार को माउंट डुकानो ज्वालामुखी फटने से तीन लोगों की मौत हो गई।

खोज और बचाव अधिकारियों ने बताया क‍ि करीब 20 ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए राहतकर्मी काम कर रहे हैं, जो इस विस्फोट में फंस गए थे।

स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, माउंट डुकानो में शुक्रवार सुबह लगभग 7:40 बजे स्थानीय समय पर विस्फोट हुआ, जिसमें ज्वालामुखी की राख का एक बड़ा गुबार लगभग दस किलोमीटर ऊंचाई तक आसमान में गया।

स्थानीय बचाव अधिकारियों ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे क्रेटर (ज्वालामुखी के गड्ढे) के चार किलोमीटर के दायरे में कोई भी गतिविधि न करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बारिश के समय ज्वालामुखी की कीचड़ जैसी बाढ़ (मडफ्लो) आने का खतरा हो सकता है।

इस साल फरवरी में भी माउंट डुकानो में विस्फोट हुआ था, जिसके बाद देश के ज्वालामुखी और भूगर्भीय आपदा न्यूनीकरण केंद्र ने हवाई जहाजों के लिए चेतावनी जारी की थी।

यह ज्वालामुखी हलमहेरा द्वीप पर स्थित है और उस समय इसने लगभग 2,000 मीटर ऊंचाई तक राख का गुबार छोड़ा था। घने सफेद से लेकर भूरे रंग के बादल क्रेटर के दक्षिण दिशा में फैल गए थे।

हवाई यात्रा के खतरे को कम करने के लिए वोल्केनो ऑब्जर्वेटरी नोटिस फॉर एविएशन (वीओएनए) का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था, जो दूसरा सबसे गंभीर स्तर होता है। इसमें विमान को ज्वालामुखी के आसपास पांच किलोमीटर से नीचे उड़ान न भरने की सलाह दी गई थी।

विमानों को राख के बादलों को लेकर सावधानी बरतने के लिए कहा गया है, क्योंकि ये उड़ानों को प्रभावित कर सकते हैं।

माउंट डुकानो के आसपास रहने वाले लोगों, पर्यटकों और आगंतुकों को सलाह दी गई है कि वे मालुपांग वारिरंग क्रेटर के चार किलोमीटर के दायरे में न जाएं।

ज्वालामुखी के आसपास रहने वाले लोगों से कहा गया है कि वे मास्क अपने पास रखें, ताकि राख से होने वाली सांस की दिक्कत से बचा जा सके।

माउंट डुकानो समुद्र तल से 1,087 मीटर ऊंचा है और यह इंडोनेशिया के 127 सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है।

पिछले महीने, इंडोनेशिया के पूर्वी जावा प्रांत में माउंट सेमेरू भी कई बार फटा था। 6 अप्रैल को इसके विस्फोट में राख का गुबार इसकी चोटी से 1,100 मीटर ऊपर तक गया था, यह जानकारी ज्वालामुखी और भू-खतरा नियंत्रण केंद्र ने दी थी।

सेमेरू की निगरानी चौकी के एक अधिकारी ने बताया था कि राख के ये बादल सफेद से भूरे रंग के थे और मध्यम तीव्रता के साथ दक्षिण दिशा की ओर बढ़ रहे थे।

Source: IANS

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