बैंकॉक में भारत-थाईलैंड डिफेंस डायलॉग, रक्षा संबंधों को और मजबूत करने पर किया मंथन

बैंकॉक, 17 जून । भारत और थाईलैंड ने बैंकॉक में 10वां डिफेंस डायलॉग (रक्षा वार्ता) आयोजित किया गया, जिसमें द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई। इसके साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े पारस्परिक हितों के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।

मंगलवार को आयोजित इस वार्ता की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव सत्यजीत मोहंती और थाईलैंड के रक्षा उप-स्थायी सचिव नुट्टापोल डिएवानिच ने की।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र में बदलते सुरक्षा परिदृश्य पर चर्चा की और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर अपने-अपने दृष्टिकोण साझा किए।

दोनों देशों ने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए सहयोग को और मजबूत करने के महत्व की पुनः पुष्टि की।

प्रतिनिधिमंडलों ने पिछली वार्ता के बाद से द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की।

चर्चा में सैन्य-सेना संपर्क, क्षमता निर्माण, ट्रेनिंग एक्सचेंज, समुद्री सहयोग तथा अन्य पारस्परिक हितों के क्षेत्रों को शामिल किया गया।

रक्षा मंत्रालय ने कहा, “वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच जारी रक्षा उद्योग सहयोग की भी समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने रक्षा विनिर्माण, अनुसंधान, नवाचार और क्षमता विकास में सहयोग को और गहरा करने के अवसरों पर चर्चा की, ताकि दोनों देशों के रक्षा तंत्रों के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारियों को बढ़ावा दिया जा सके।”

मंत्रालय ने आगे कहा, “प्रतिनिधिमंडलों ने क्षेत्रीय और बहुपक्षीय रक्षा ढांचों, विशेष रूप से आसियान के नेतृत्व वाले तंत्रों के तहत सहयोग पर भी विचार-विमर्श किया। उन्होंने संवाद और सहयोग के माध्यम से व्यावहारिक सहयोग को मजबूत करने तथा साझा सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।”

बैठक का समापन भविष्य की सहभागिताओं और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने की रूपरेखा पर चर्चा के साथ हुआ।

भारत और थाईलैंड ने वर्ष 2025 में अपने द्विपक्षीय संबंधों को औपचारिक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया था।

रक्षा वार्ता के बाद, बैंकॉक स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर जारी एक बयान में कहा, “दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में चल रही गतिविधियों के सभी पहलुओं की समीक्षा की और द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी तथा विभिन्न क्षेत्रीय मंचों के तहत, विशेषकर नए और उभरते क्षेत्रों में, सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा की। भारत-थाईलैंड समुद्री पड़ोसी हैं और थाइलैंड, भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार है।”

Source: IANS

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