फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक और जहाज सुरक्षित, कोई घटना नहीं: सरकार

नई दिल्ली, 18 मार्च। सरकार ने बुधवार को कहा कि मध्य-पूर्व क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय झंडे वाले जहाज से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है। 

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि वर्तमान में पश्चिमी फारस की खाड़ी (पर्शियन गल्फ) क्षेत्र में 22 भारतीय जहाज और 611 भारतीय नाविक मौजूद हैं। नौवहन महानिदेशालय लगातार जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय मिशनों के साथ मिलकर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

एलपीजी टैंकर 'शिवालिक' और 'नंदा देवी', जो मध्य-पूर्व से लौट चुके हैं, फिलहाल तय समय के अनुसार तेल कंपनियों के शेड्यूल के मुताबिक अपना कार्गो उतार रहे हैं।

डीजी शिपिंग का कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे काम कर रहा है। अब तक इस कंट्रोल रूम को 3,305 कॉल और 6,324 ईमेल मिल चुके हैं, जिनमें से पिछले 24 घंटे में ही 125 कॉल और 449 ईमेल शामिल हैं। सरकार ने अब तक 472 से ज्यादा भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है, जिनमें पिछले 24 घंटे में 25 लोग शामिल हैं।

भारत का समुद्री क्षेत्र फिलहाल सामान्य रूप से काम कर रहा है, और किसी भी पोर्ट पर भीड़ या रुकावट की कोई समस्या नहीं है। गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के मरीन बोर्ड्स ने भी इसकी पुष्टि की है।

पोर्ट्स पर जहाजों की आवाजाही और कार्गो ऑपरेशन पर कड़ी नजर रखी जा रही है। अतिरिक्त स्टोरेज की भी व्यवस्था की गई है, जिसमें विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी में करीब 2,260 वर्ग मीटर अतिरिक्त जगह बनाई गई है। वहीं जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (जेएनपीए) में स्थिति सामान्य है और फंसे हुए कंटेनरों की संख्या 1,000 से घटकर करीब 770 रह गई है।

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय वेस्ट एशिया की स्थिति को देखते हुए शिपिंग मूवमेंट, पोर्ट ऑपरेशन, नाविकों की सुरक्षा और समुद्री व्यापार की निरंतरता पर लगातार नजर बनाए हुए है।

इस बीच, भारत और मध्य-पूर्व के बीच हवाई सेवाएं भी धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं।

संयुक्त अरब अमीरात में 17 मार्च को करीब 70 फ्लाइट्स संचालित हुईं और आज करीब 75 फ्लाइट्स के संचालन की उम्मीद है। 5 मार्च 2026 से रोजाना 50 से ज्यादा फ्लाइट्स चल रही हैं, जिससे कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है।

इसके अलावा सऊदी अरब और ओमान से भारत के लिए फ्लाइट्स लगातार चल रही हैं। कतर का एयरस्पेस आंशिक रूप से खुला है, जहां मंगलवार को 5 फ्लाइट्स चलीं और बुधवार से भारत के 9 शहरों के लिए सेवाएं शुरू की गई हैं।

हालांकि, कुवैत का एयरस्पेस 28 फरवरी से बंद है। सऊदी अरब के अल कैसुमा हवाई अड्डे से जजीरा एयरवेज की विशेष गैर-निर्धारित उड़ानों के संचालन की उम्मीद है।

Source: IANS

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