ईरान के सर्वोच्च नेता की अनुमति के बिना कोई निर्णय नहीं: पेजेश्कियन

तेहरान, 24 मई । ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर देश में कोई भी निर्णय ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की अनुमति के बिना नहीं लिया जाएगा।

तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, पेजेश्कियन ने कहा, “कोई भी बयान, विश्लेषण या रुख जो समाज में विभाजन पैदा करता है, वास्तव में दुश्मन को फायदा पहुंचाने जैसा होता है।”

उन्होंने कहा, “देश में कोई भी निर्णय सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के ढांचे के बाहर और सर्वोच्च नेता की अनुमति के बिना नहीं लिया जाएगा। देश का संचालन एकीकृत निर्णय और सामूहिक अनुशासन की मांग करता है।”

उनका बयान ऐसे समय में आया है जब 60 दिन के संघर्ष विराम को लेकर खबर सुर्खियों में बनी हुई है। अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस ने अमेरिकी सैन्य अफसर के हवाले से दावा किया है कि जल्द इसकी घोषणा की जा सकती है। बातचीत में होमुर्ज, न्यूक्लियर प्रोग्राम से लेकर कुछ पाबंदियां हटाने की भी शर्तें शामिल हैं।

इससे पहले पेजेश्कियन ने एक्स पोस्ट के जरिए ईरान के इतिहास को याद दिलाते हुए अमेरिका को निशाने पर लिया था। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “हमारा देश आज भी, बिना हारे डटा हुआ है। ठीक बहादुर खोर्रमशहर के लोगों की तरह, जो हमलावर सेना के खिलाफ कई दिनों तक डटे रहे ताकि दुनिया को ईरानी लोगों की ताकत का अंदाजा लग सके।”

खोर्रमशहर, ईरान के खुजेस्तान प्रांत में स्थित एक प्रमुख और ऐतिहासिक बंदरगाह शहर है। यह 1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान चर्चा में आया था। शहर शत्त अल-अरब और कारुन नदियों के संगम पर स्थित है। यह फारस की खाड़ी के पास एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है। 1980 के दशक में इस शहर को भारी तबाही झेलनी पड़ी थी। पूरी तरह बर्बाद हुए शहर को पुनर्निर्माण करके फिर से बसाया गया। अपनी सेना के साहस को सम्मान देते हुए ईरान ने अपनी एक शक्तिशाली और उन्नत बैलिस्टिक मिसाइल का नाम भी 'खोर्रमशहर' रखा। अक्सर तेहरान में सैन्य परेड के दौरान इसे प्रदर्शित किया जाता है।

Source: IANS

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