अमेरिका से संघर्ष की संभावनाएं कम, लेकिन हम हर हमले का जवाब देने को तैयार: आईआरजीसी

तेहरान, 27 मई । अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर समझौते को लेकर तमाम तरह की अटकलों के बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स यानी आईआरजीसी का दावा है कि यूएस के साथ दोबारा संघर्ष शुरू होने की संभावना कम है।

आईआरजीसी नेवी के उप राजनीतिक प्रमुख मोहम्मद अकबरजादेह ने समाचार एजेंसी तस्नीम के हवाले से कहा, " दुश्मन की कमजोरी को देखते हुए जंग की संभावना कम है, लेकिन ईरानी सशस्त्र बल पूरी तैयारी और सतर्क हैं।"

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर हमला हुआ तो ईरान अपने दक्षिणी तटीय क्षेत्र चाहबहार से लेकर महशहर तक को “हमलावरों के लिए कब्रिस्तान” बना देगा। अकबरजादेह के अनुसार, "ईरान पर हमला करने वाले अमेरिकी जंगी जहाज तबाह और बर्बाद कर दिए जाएंगे।"

आईआरजीसी अधिकारी अकबरजादेह ने यह भी कहा कि ईरान ने होर्मुज को अब “एक विशाल ऑपरेशनल क्षेत्र” के रूप में परिभाषित कर दिया है।

तस्नीम समाचार एजेंसी के हवाले से दावा किया गया है कि अब इस जलडमरूमध्य की चौड़ाई को 20–30 मील के बजाय लगभग 200–300 मील तक माना जा रहा है, और यह क्षेत्र जास्क/सिरीक से लेकर केश्म द्वीप और ग्रेटर टनब तक एक "अर्धचंद्राकार सैन्य क्षेत्र" जैसा बन गया है।

दूसरी ओर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भी प्रमुख बंदरगाहों पर नाकेबंदी कर रखी है। यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी लागू की है। इस दौरान 65 वाणिज्यिक जहाजों को रास्ता बदलने पर मजबूर किया गया और 4 जहाजों को नुकसान पहुंचा। यूएसएस अब्राहम लिंकन को अरब सागर में तैनात बताया गया है।

सोमवार को ही (25 मई 2026), अमेरिकी बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी छोटी नावों पर कार्रवाई की, जबकि ईरान ने भी अमेरिकी ड्रोन एमक्यू-9 को ध्वस्त करने का दावा किया।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter

Advertisement