पीएम शाह काम के प्रति समर्पित, प्रशासनिक चुनौतियों से निपटने में माहिर: शिशिर खनल

काठमांडू, 27 अगस्त । नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र ‘बालेन’ शाह को अपने कार्यकाल के महज पांच महीने के भीतर देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक चुनौतियों में से एक का सामना करना पड़ रहा है। तिब्बत सीमा से लगे तीन जिलों में भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है। अगले ही दिन शाह नुकवाकोट पहुंच गए। राहत कार्यों का जायजा लिया। यही कारण है कि देश के विदेश मंत्री शिशिर खनल उन्हें रॉकस्टार मानते हैं। ऐसे नेता जो चुनौतियों से निपटने में माहिर हैं।

काठमांडू में गुरुवार को एनडीटीवी अन्वीक्षा समिट में खनल ने कहा कि प्रधानमंत्री शाह अपनी कैबिनेट से तेजी से नतीजे चाहते हैं और उनका जोर सरकारी सेवाओं को आम लोगों तक बिना किसी परेशानी के पहुंचाने पर है।

खनल ने कहा, “वह नतीजे चाहते हैं और बहुत तेजी से चाहते हैं। उनका पूरा ध्यान काम के परिणाम पर रहता है। शासन की बात आती है तो वह चाहते हैं कि नेपाली लोगों को बिना परेशानी के सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध हों। प्रधानमंत्री शाह चाहते हैं कि आम नेपाली सरकार को केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था के तौर पर नहीं, बल्कि सेवा और परिणाम देने वाली व्यवस्था के रूप में महसूस करें।"

खनल के मुताबिक, शाह अपनी टीम पर भरोसा करते हैं। विदेश मंत्री ने कहा, “वह अपनी टीम पर भरोसा करते हैं। वह काफी जिम्मेदारियां सौंपते हैं और प्रबंधन के मामलों में हस्तक्षेप या माइक्रोमैनेजमेंट नहीं करते। लेकिन वह जिम्मेदारी सौंपते हैं और अपने कैबिनेट मंत्रियों से परिणाम की उम्मीद करते हैं।”

खनल ने नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बाढ़ में मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। भारतीय नागरिकों की तादाद भी अच्छी खासी है। इनमें बड़ी संख्या कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालुओं की है।

उन्होंने कहा, “विदेशी नागरिक, जिनमें भारतीय भी शामिल हैं, प्रभावित क्षेत्र से होकर मानसरोवर यात्रा के लिए जाते हैं। करीब 300 भारतीयों के लापता होने की सूचना मिली है और सरकार उनसे संपर्क स्थापित करने की कोशिश कर रही है।”

खनल ने कहा कि नेपाल सरकार लापता विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर संबंधित देशों के दूतावासों के साथ लगातार संपर्क में है।

नेपाल के विदेश मंत्री ने हालिया फ्लैश फ्लड को हाल के वर्षों में देश में आई सबसे भीषण आपदाओं में से एक बताया। उन्होंने संकट की घड़ी में भारत की ओर से भेजी जा रही त्वरित राहत सहायता के लिए नई दिल्ली का आभार जताया।

इस बीच, पुलिस ने बताया कि बुधवार को आई भयानक बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 359 हो गई है। गुरुवार शाम 5 बजे तक आठ जिलों से ये शव बरामद किए गए हैं।

Source: IANS

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