ट्रंप से मुलाकात करेंगे जेलेंस्की, बातचीत में रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान के साथ तनाव पर रहेगा फोकस

वाशिंगटन, 28 जुलाई । यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की स्थानीय समयानुसार मंगलवार को वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात कर सकते हैं। इस मुलाकात में यूक्रेन के खिलाफ चल रहे रूसी हमले और ईरान के खिलाफ अमेरिका की लड़ाई मुख्य फोकस रहेंगे।

यह मीटिंग तब हो रही है जब खबर है कि यूक्रेन ने पिछले हफ्ते में कैस्पियन सागर में ईरान से जुड़े जहाजों पर लंबी दूरी के हमले किए, जिनके बारे में जेलेंस्की ने दावा किया कि वे ईरान से जुड़ा मिलिट्री कार्गो ले जा रहे थे।

तेहरान ने कन्फर्म किया कि हमले में उसके एक जहाज में धमाका हुआ, जिसमें एक नाविक की मौत हो गई और कई दूसरे घायल हो गए। वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने चेतावनी दी कि यूक्रेन की हरकतें खतरनाक हैं। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि यूक्रेन के इस हमले को ऐसे ही नहीं छोड़ा जा सकता है।

कीव के अनुसार, दोनों झगड़ों में एक आम बात रूस है, जो उत्तरी ईरान से कैस्पियन सागर में अजरबैजान को बायपास करते हुए सिर्फ एक छोटे समुद्री रास्ते से या जमीन पर अजेरी इलाके की 250 किलोमीटर (155 मील) की पट्टी से अलग है।

अमेरिका के सियासी गलियारे की हलचल तेज रहने वाली है। एक तरफ इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ट्रंप से मुलाकात करने के लिए वाशिंगटन पहुंचे हुए हैं, दूसरी तरफ यूक्रेनी प्रेसिडेंट भी अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात कर सकते हैं। इसके अलावा, 4 अगस्त तक रोम में इजरायल और लेबनान के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में अगले राउंड की बैठक हो सकती है।

बातचीत दक्षिणी लेबनान में एक पायलट जोन को बढ़ाने, बाकी सीमा विवादों को सुलझाने और पिछले महीने दोनों देशों के बीच हस्ताक्षर किए गए फ्रेमवर्क समझौते को पूरी तरह लागू करने पर केंद्रित होगी।

अमेरिकी राज्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "हम दक्षिणी लेबनान में पहले पायलट जोन के सफल लॉन्च और पिछले हफ्ते राष्ट्रपति ट्रंप के साथ प्रेसिडेंट औन की अच्छी मीटिंग के बाद इन बातचीत में काफी तेजी के साथ आगे बढ़ रहे हैं।"

रोम में होने वाली इस बैठक में इजरायल और लेबनान के तकनीकी समूह एक साथ आएंगे। अमेरिका दोनों देशों के बीच बातचीत करवा रहा है।

अधिकारी ने कहा, "रोम में, तकनीकी समूह फ्रेमवर्क समझौते को पूरी तरह से लागू करने पर फोकस करेंगे। इसमें पायलट जोन प्रोसेस को बढ़ाना, सभी बाकी सीमा मामलों को सुलझाना और एक बड़े शांति और सुरक्षा समझौते पर काम करना शामिल है।"

पायलट जोन का मकसद दक्षिणी लेबनान में लेबनानी सरकार की अथॉरिटी को फिर से कायम करना है। इसमें इलाके में काम कर रहे आतंकवादी संगठनों के वेरिफाई किए जा सकने वाले हथियार खत्म करने की भी बात कही गई है।

Source: IANS

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