दुनिया - पेज 182
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मेटे फ्रेडरिक्सन लगातार तीसरी बार डेनमार्क की पीएम बनी हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है और उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच मजबूत और दीर्घकालिक संबंध और घनिष्ठ होंगे।
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तेहरान ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो के उस बयान को सिरे से खारिज किया जिसमें उन्होंने दावा किया था कि अमेरिकी राजनेताओं, यहां तक कि राष्ट्रपति तक की हत्या का षड्यंत्र ईरानी एजेंटों ने रचा था।।
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अमेरिका ने दबाव बढ़ाते हुए ईरान के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज समेत कई कंपनियों और उनसे जुड़े लोगों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दोनों देशों के बीच बातचीत की कोशिशें जारी हैं।
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा किया कि रूसी हमलों के जवाब में यूक्रेनी सुरक्षा बलों ने रूस के कई ठिकानों पर हमले किए हैं। इन हमलों में तेल टर्मिनल, सैन्य अड्डों और हथियार निर्माण से जुड़े प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया, जिससे रूस की युद्ध क्षमता को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
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भारत और नेपाल के बीच पारंपरिक मित्रता और सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी) के अध्यक्ष रबि लामिछाने से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने साझा समृद्धि, विकास और क्षेत्रीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि हमारे देश पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे गए। अभी भी अलग-अलग इलाकों में एयर-रेड अलर्ट भी एक्टिव हैं।
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अमेरिका के दोनों प्रमुख दलों के सीनेटरों ने ग्रामीण अस्पतालों पर पड़ने वाले असर को लेकर 100,000 डॉलर वाले एच-1बी वीजा शुल्क पर चिंता जताई है। उन्होंने होमलैंड सिक्योरिटी सचिव मार्कवेन मुलिन से आग्रह किया कि दूर-दराज और कम सुविधाओं वाले इलाकों में काम करने के लिए भर्ती किए जा रहे विदेशी डॉक्टरों को कुछ राहत देने पर विचार किया जाए।
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अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा को 'विफल देश' और अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बढ़ता हुआ खतरा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि क्यूबा में चीन और रूस की खुफिया गतिविधियां चल रही हैं और वह पूरे लैटिन अमेरिका में अमेरिका-विरोधी गतिविधियों को समर्थन देता है।
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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हाउस एप्रोप्रियेशन्स सबकमेटी की सुनवाई के दौरान कहा कि अमेरिका को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि मौजूदा क्षेत्रीय संकट के दौरान चीन ने ईरान को सैन्य सहायता दी हो।।
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अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में दोनों पार्टियों के प्रतिनिधियों ने एक नया बिल पेश किया है। इस बिल के तहत अमेरिकी विदेश विभाग को यह तय करना होगा कि क्या चीन ने तिब्बत के लोगों के खिलाफ नरसंहार या मानवता के खिलाफ अपराध किए हैं।
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