यूनाइटेड ब्रुअरीज के शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचे, नौ में से

मुंबई, 8 सितंबर । देश की प्रमुख बीयर निर्माता कंपनी यूनाइटेड ब्रुअरीज लिमिटेड (यूबीएल) के शेयरों में मंगलवार को लगातार दबाव देखने को मिला। कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी के शेयर 3.1 प्रतिशत तक टूटकर 52 हफ्ते के निचले स्तर 1,251.60 रुपए पर पहुंच गए। हालिया गिरावट के साथ शेयर ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है और यह पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से कमजोर प्रदर्शन करने वाले प्रमुख उपभोक्ता शेयरों में शामिल हो गया है।

मंगलवार की गिरावट जनवरी 2026 के बाद कंपनी के शेयर में दर्ज सबसे बड़ी एकदिनी गिरावटों में से एक रही। इससे पहले 20 जनवरी 2026 को शेयर में 3.4 प्रतिशत की गिरावट आई थी, जबकि 19 मई 2026 को इसमें 3.02 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई थी। हाल के कारोबार पर नजर डालें तो यूनाइटेड ब्रुअरीज के शेयर पिछले लगातार 9 कारोबारी सत्रों में से 6 सत्रों में गिरावट के साथ बंद हुए हैं।

यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब कंपनी अपने कारोबार में प्रीमियम उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने और उत्पादन क्षमता विस्तार पर जोर दे रही है।

यूनाइटेड ब्रुअरीज के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विवेक गुप्ता ने हाल ही में कहा था कि वित्त वर्ष 2030 तक कंपनी की कुल बिक्री में प्रीमियम बीयर श्रेणी का योगदान 18 से 20 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। फिलहाल यह हिस्सा करीब 11 प्रतिशत के आसपास है।

गुप्ता के अनुसार, प्रीमियम बीयर श्रेणी सालाना 20 से 25 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है और यह लाभप्रदता में महत्वपूर्ण योगदान देने लगी है। इसी रणनीति के तहत कंपनी अपने प्रीमियम ब्रांड पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है।

हाल ही में यूनाइटेड ब्रुअरीज ने अपने लोकप्रिय प्रीमियम ब्रांड हाइनेकन सिल्वर की उपलब्धता का विस्तार केरल, ओडिशा और मध्य प्रदेश में किया है। कंपनी का मानना है कि उपभोक्ताओं के बीच प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती मांग भविष्य में उसके राजस्व और मार्जिन को मजबूत कर सकती है।

विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए भी कंपनी निवेश कर रही है। इस महीने की शुरुआत में यूनाइटेड ब्रुअरीज ने स्टॉक एक्सचेंजों को जानकारी दी थी कि वह महाराष्ट्र स्थित अपनी एलोरा ब्रेवरी में नई कैनिंग लाइन स्थापित करने के लिए 110 करोड़ रुपए का निवेश करेगी।

नया संयंत्र नियामकीय मंजूरियों के अधीन सितंबर 2026 में चालू होने की उम्मीद है। यह एलोरा इकाई की पहली कैनिंग लाइन होगी और इसकी उत्पादन क्षमता 40,000 कैन प्रति घंटा होगी।

यह निवेश ऐसे समय में आया है जब यूनाइटेड ब्रुअरीज अपनी उत्पादन क्षमता को मजबूत करने और डिब्बाबंद बीयर की बढ़ती मांग को पूरा करने की कोशिश कर रही है। कंपनी का प्रीमियम उत्पादों पर ध्यान और उत्पादन क्षमता का विस्तार उसकी विकास रणनीति का मुख्य आधार बन रहने की उम्मीद है, भले ही शेयर को निकट भविष्य में बिकवाली के दबाव का सामना करना पड़ रहा हो।

Source: IANS

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