लगातार दूसरे सत्र में तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स में 109 अंकों की बढ़त

मुंबई, 25 जून । हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे सत्र में तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ। हालांकि मंगलवार सत्र की गिरावट को छोड़ दें तो पिछले कई सत्रों में बाजार ने लगातार बढ़त दर्ज की है।

गुरुवार के सत्र में आईटी, मेटल, ऑयल एंड गैस शेयरों के दबाव के कारण घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्कों ने दिनभर की बढ़त का अधिकांश हिस्सा गंवा दिया और निफ्टी 50 मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।

बाजार बंद होने पर सेंसेक्स 109.25 अंक यानी 0.14 प्रतिशत बढ़कर 77,100.47 पर था, तो वहीं निफ्टी50 34.35 अंक यानी 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,056.00 पर बंद हुआ।

हालांकि दिन के कारोबार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,991.22 से करीब 400 अंक उछलकर 77391.07 पर खुला और दिन के दौरान इसने 1 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर 77,803.18 का इंट्रा-डे हाई टच किया।

वहीं, एनएसई निफ्टी 50 दिन में अपने पिछले बंद 24,021.65 से 104 अंक उछलकर 24,125.85 पर खुला और इंट्रा-डे कारोबार में इसने करीब 240 अंक यानी करीब 1 प्रतिशत की उछाल के साथ 24,261.60 का उच्चतम स्तर छुआ।

व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 0.55 प्रतिशत और 0.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।

वहीं, क्षेत्रीय सूचकांकों में मिला-जुला रुख देखने को मिला, जिसमें निफ्टी ऑटो में सबसे ज्यादा 2.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके साथ ही निफ्टी एफएमसीजी में करीब 0.7 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 0.3 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.16 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मेटल, निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी फार्मा में गिरावट देखने को मिली।

निफ्टी50 इंडेक्स में इंडिगो, एमएंडएम, मारुति सुजुकी, मैक्स हेल्थ और टाटा कंज्यूमर के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई। इसके विपरीत, ओएनजीसी, हिंडाल्को, पावरग्रिड, टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल और एसबीआई लाइफ के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।

इस बीच, भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 25 पैसे बढ़कर 94.40 पर बंद हुआ, जबकि पिछले दिन यह 94.65 पर बंद हुआ था।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट ने रुपए को सहारा दिया और कुछ राहत भी दी, लेकिन यह बढ़त की रफ्तार बनाए रखने के लिए काफी नहीं थी।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। इसकी वजह रही मेटल की कीमतों में कमी, सप्लाई चेन की दिक्कतों का कम होना और महीने के दौरान रिटेल मांग में सुधार। कुल मिलाकर बाजार का मूड सकारात्मक रहा, लेकिन एफआईआई की लगातार बिकवाली से तेजी सीमित हो सकती है।

आने वाले समय में, पहली तिमाही के नतीजों के कमजोर अनुमान और मॉनसून की असमान स्थिति का बाजार के मूड पर असर पड़ सकता है, इसलिए इन पर नजर रखने की जरूरत है।

Source: IANS

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