बिजनेस - पेज 14
आयकर विभाग ने सोमवार को कहा कि असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अब तक 7.5 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किए जा चुके हैं। विभाग ने करदाताओं से अपील की कि वे निर्धारित अंतिम तारीख समाप्त होने से पहले अपना रिटर्न दाखिल कर दें।
भारतीय अर्थव्यवस्था की तूफानी रफ्तार जारी है। वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में विकास दर 7.8 प्रतिशत रही है।
इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण (ईएसडीएम) उद्योग ने सरकार द्वारा 1.27 लाख करोड़ रुपए के परिव्यय वाली सेमीकॉन 2.0 योजना को अधिसूचित किए जाने का स्वागत किया है। इंडस्ट्री का कहना है कि यह योजना अगले पांच से सात वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपए से अधिक के संचयी निजी निवेश को आकर्षित करने की क्षमता रखती है और भारत के सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को नई मजबूती प्रदान करेगी।
भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 307.24 अंक या 0.40 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,957.27 और निफ्टी 95.25 अंक या 0.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,080.40 पर बंद हुआ।
मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आरसी भार्गव ने सोमवार को कहा कि जीएसटी 2.0 से ऑटो सेक्टर के साथ अर्थव्यवस्था के कई सेक्टर्स को फायदा हुआ है, जिससे देश को पश्चिमी एशिया युद्ध से आई अस्थिरता का मजबूती से सामना करने में मदद मिली है।
फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने सोमवार को कहा कि उसने अपने प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड रेस्टोरेंट द्वारा एनालॉग डेयरी उत्पादों से बनी डिश बेचने के मामले में 'जीरो-टॉलरेंस' पॉलिसी अपनाई है और ऐसे सभी खाद्य पदार्थों को प्लेटफॉर्म से हटा दिया है।
तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाओं के कारण जोखिम भावना कमजोर होने से हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला। इस बीच सेंसेक्स और निफ्टी50 में 0.40 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद से बनी ग्रोथ की रफ्तार को जारी रखते हुए भारत के 2026-27 वित्त वर्ष में 7 प्रतिशत या उससे ज्यादा की इकोनॉमिक ग्रोथ रेट बनाए रखने की उम्मीद है।
ताशकंद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी के बीच उज्बेकिस्तान और भारत के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। पीएम मोदी के दो दिवसीय दौरे पर भारत और उज्बेकिस्तान के बीच 11 ज्ञापन समझौते और 5 योजनाओं का ऐलान हुआ है।
पारदर्शिता बढ़ाने, उर्वरक की उपलब्धता में सुधार करने और उर्वरक आपूर्ति श्रृंखला की अधिक प्रभावी, डेटा-आधारित निगरानी को सक्षम बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई डिजिटल पहलों की श्रृंखला के साथ भारत की एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली (आईएफएमएस) एक नए चरण में प्रवेश कर चुकी है।।
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