बिजनेस
भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 150.63 अंक या 0.20 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 73,832.55 और निफ्टी 53.35 अंक या 0.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,161.60 पर था।
भारत में पीएमएस इंडस्ट्री के अगले विकास के चरण में पारदर्शिता, निवेशक सुरक्षा और मजबूत शासन-व्यवस्था की अहम भूमिका होगी। यह बयान भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मनोज कुमार ने गुरुवार को दिया।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक कमोडिटी बाजारों पर साफ दिखाई दे रहा है। गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
एक नई रिपोर्ट के अनुसार, यदि अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष दोबारा गंभीर रूप लेता है, तो वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।।
भारत सरकार ने एथेनॉल मिश्रित ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने 22 प्रतिशत, 25 प्रतिशत, 27 प्रतिशत और 30 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल (ई22, ई25, ई27 और ई30) को केंद्रीय उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) से छूट देने की घोषणा की है।
अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के चलते गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला। इस दौरान प्रमुख बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 में 0.40 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बुधवार को कहा कि उसने एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) के बड़े अधिकारियों के भुगतान डिस्क्लोजर के नियम को आसान बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत नाम आधारित डिस्क्लोजर को कंसोलिडेटेड आंकड़ों से प्रतिस्थापित किया जाएगा।
वैश्विक अस्थिरता के चलते भारतीय शेयर बाजार के मुख्य सूचकांक बुधवार के कारोबारी सत्र में सपाट बंद हुए। दिन के अंत में सेंसेक्स 64.42 अंक की मामूली तेजी के साथ 73,983.18 और निफ्टी 27.15 अंक की मामूली कमजोरी के साथ 23,214.95 पर था।
दुनिया के जाने-माने अरबपति और उद्योगपति एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें दावा किया गया था कि भारत सरकार ने उसकी सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं को मंजूरी देने की प्रक्रिया रोक दी है।
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में बुधवार के सत्र में तेजी देखने को मिली। अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किए जाने के बाद ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं बढ़ गईं, जिससे तेल की कीमतों में 1 प्रतिशत तक का उछाल आया।
ट्रेडिंग न्यूज
मोस्ट व्यूज न्यूज
Get Newsletter
Subscribe to our newsletter to get latest news, popular news and exclusive updates.


