बिजनेस
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लगभग 1 प्रतिशत टूटकर खुले।
देश की शीर्ष 10 कंपनियों में से सात का वैल्यूएशन बीते हफ्ते 1.25 लाख करोड़ रुपए कम हो गया है। इसकी वजह वैश्विक अस्थिरता के चलते शेयर बाजार में गिरावट है।
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी की संपत्ति बढ़कर 89.2 अरब डॉलर हो गई, जो उन्हें एशिया में सबसे अमीर व्यक्ति बनाती है। यह जानकारी फोर्ब्स की रियल-टाइम बिलेनियर्स लिस्ट में दी गई थी।
भारतीय इक्विटी बाजारों के लिए अगला हफ्ता उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। इस दौरान अमेरिका-ईरान तनाव, एआई को लेकर निवेशकों का रुझान, महंगाई के आंकड़े और कच्चे तेल की कीमत जैसे कारक बाजार की दिशा तय करेंगे।
अमेरिका से उम्मीद से बेहतर रोजगार आंकड़े आने के बाद इस सप्ताह सोने की कीमतों में 0.87 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिसने इस संभावना को बढ़ा दिया है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है।
एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने कहा है कि गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने क्लाउड सेवाओं से जुड़े एक समझौते के तहत कंप्यूटिंग क्षमता हासिल करने के लिए हर महीने 92 करोड़ डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई है, जो अक्टूबर 2026 से जून 2029 तक चलेगा।।
भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक इस सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुए। घरेलू स्तर पर उठाए गए कुछ सकारात्मक नीतिगत कदमों का असर वैश्विक अनिश्चितताओं और बाहरी चुनौतियों के कारण सीमित रहा।
एयरट्रंक द्वारा भारत के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम में 3 लाख करोड़ रुपए (30 अरब डॉलर) के निवेश का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को स्वागत किया। साथ ही इसे भारत के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर यात्रा में एक अहम पल बताया।
सरकारी महारत्न कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड ने शुक्रवार को अंडमान के उथले समुद्री (अपतटीय) ब्लॉक में अपने तीसरे खोजी कुएं में प्राकृतिक गैस की नई खोज की घोषणा की। कंपनी ने कहा कि यह खोज इस क्षेत्र में हाइड्रोकार्बन की मौजूदगी का एक और महत्वपूर्ण संकेत है।
भारतीय अर्थव्यवस्था की रियल जीडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7 प्रतिशत रही है, जो कि वित्त वर्ष 2024-25 के फाइनल आंकड़े 7.1 प्रतिशत से काफी अधिक है। इसकी वजह द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र का अच्छा प्रदर्शन करना था।
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