बिजनेस - पेज 72
भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक इस सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुए। घरेलू स्तर पर उठाए गए कुछ सकारात्मक नीतिगत कदमों का असर वैश्विक अनिश्चितताओं और बाहरी चुनौतियों के कारण सीमित रहा।
एयरट्रंक द्वारा भारत के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम में 3 लाख करोड़ रुपए (30 अरब डॉलर) के निवेश का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को स्वागत किया। साथ ही इसे भारत के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर यात्रा में एक अहम पल बताया।
सरकारी महारत्न कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड ने शुक्रवार को अंडमान के उथले समुद्री (अपतटीय) ब्लॉक में अपने तीसरे खोजी कुएं में प्राकृतिक गैस की नई खोज की घोषणा की। कंपनी ने कहा कि यह खोज इस क्षेत्र में हाइड्रोकार्बन की मौजूदगी का एक और महत्वपूर्ण संकेत है।
भारतीय अर्थव्यवस्था की रियल जीडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7 प्रतिशत रही है, जो कि वित्त वर्ष 2024-25 के फाइनल आंकड़े 7.1 प्रतिशत से काफी अधिक है। इसकी वजह द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र का अच्छा प्रदर्शन करना था।
भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 116.67 अंक या 0.16 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 74,243.34 और निफ्टी 49.85 अंक या 0.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,366.70 पर था।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने शुक्रवार को जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.6 प्रतिशत रखा है। हालांकि केंद्रीय बैंक ने चेतावनी दी है कि वैश्विक सप्लाई चेन में लंबे समय तक बनी रहने वाली बाधाएं, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और मौसम से जुड़े जोखिम देश की आर्थिक वृद्धि पर दबाव बना सकते हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को घोषणा की कि शेयर बाजार में कारोबार होने वाले इक्विटी साधनों में बिना सेबी पंजीकरण के निवेश करने के लिए एनआरआई (अनिवासी भारतीय) और ओसीआई (भारतीय मूल के विदेशी नागरिक) की निवेश सीमा बढ़ाई जा रही है।।
केंद्र सरकार शुक्रवार को वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही (चौथी तिमाही) के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े और पूरे वित्त वर्ष की आर्थिक वृद्धि दर जारी करेगी। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और बाहरी जोखिमों के कारण अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर पहले के अनुमान से कुछ कम रह सकती है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक चुनौतियों के बीच भी अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है। उन्होंने बताया कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) 682.2 अरब डॉलर के बेहद मजबूत स्तर पर पहुंच चुका है, जो बाहरी आर्थिक झटकों से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करता है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने शुक्रवार को अपनी बहुप्रतीक्षित मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का फैसला किया।
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