महाराष्ट्र में मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार, 2030 तक 300 किमी से

मुंबई, 4 अगस्त । महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य में मेट्रो परियोजनाओं का काम तेजी से चल रहा है, जिससे मुंबई, पुणे, नागपुर और मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में सुरक्षित, आधुनिक और तेज सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेट्रो परियोजनाओं का काम शुरू होने के बाद उसे तीन वर्षों के भीतर पूरा करने की योजना बनाई जाए।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिमंडल की आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) समिति की बैठक हुई। बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में सार्वजनिक परिवहन को अधिक प्रभावी, तेज और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए व्यापक मेट्रो नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। वर्तमान में राज्य में 174 किलोमीटर लंबी मेट्रो सेवाएं यात्रियों के लिए शुरू हो चुकी हैं, जबकि 291 किलोमीटर मार्गों पर निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अलावा 130 किलोमीटर के मार्ग स्वीकृति प्रक्रिया में हैं और 87.15 किलोमीटर के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है।

बैठक में प्रस्तुतीकरण के जरिए बताया गया कि राज्य में कुल 2.80 लाख करोड़ रुपए की मेट्रो परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इनमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 27,216 करोड़ रुपए और राज्य सरकार की हिस्सेदारी 50,250 करोड़ रुपए है। इसके अलावा 75,729.62 करोड़ रुपए की वित्तीय व्यवस्था एमएमआरडीए, स्थानीय निकायों और नियोजन प्राधिकरणों के माध्यम से की जाएगी। शेष राशि सरकारी गारंटी वाले ऋणों से जुटाई जाएगी।

जानकारी के अनुसार, मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में 428.89 किलोमीटर, पुणे महानगर क्षेत्र में 169.45 किलोमीटर और नागपुर महानगर क्षेत्र में 85.20 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। राज्य में प्रस्तावित और परिचालन मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई 683.53 किलोमीटर होगी।

राज्य सरकार ने वर्षवार योजना तैयार की है। इसके तहत मुंबई, पुणे और नागपुर में विभिन्न मेट्रो मार्ग विकसित किए जाएंगे। इस वर्ष 87 किलोमीटर लंबाई और 56 स्टेशनों वाले रूटों पर काम करने की योजना है, जबकि 2029-30 तक 302 किलोमीटर लंबे नेटवर्क और 161 स्टेशनों का लक्ष्य रखा गया है।

बैठक में एमएमआर क्षेत्र के मीरा गांव से गायमुख तक प्रस्तावित मेट्रो-10 परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस रूट की अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है।

करीब 9.68 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर पांच एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे। परियोजना की अनुमानित लागत 8,500 करोड़ रुपए है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण कार्य तीन वर्षों में पूरा किया जाए।

राज्य सरकार ने भविष्य के लिए कई नए मेट्रो मार्गों की योजना बनाई है, जिसमें मुंबई मेट्रो-11 (अनिक डिपो-वडाला-गेटवे ऑफ इंडिया), हड़पसर-लोनी कलभोर और हड़पसर-सासवड रोड, नवी मुंबई मेट्रो-1ए और 2 (बेलापुर-सागर संगम एवं पेन्धार-नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा), कान्हान रिवर-कान्हान सिटी (नागपुर फेज-2 विस्तार), मुंबई मेट्रो-8 (सीएसएमआईए-एनएमआईए), मुंबई मेट्रो-10 (गायमुख-छत्रपति शिवाजी महाराज चौक), मुंबई मेट्रो-13 (शिवाजी चौक-वसई-विरार), मुंबई मेट्रो-12ए (मानपाड़ा-कल्याण-खुटारी-तलोझा), मुंबई मेट्रो-3 विस्तार (कफ परेड-नेवी नगर), मुंबई मेट्रो-14 (कांजुर-बदलापुर), पुणे मेट्रो फेज-3 (निगडी-वाकड-नासिक फाटा-चाकण) योजना शामिल है।

Source: IANS

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