पश्चिम बंगाल: कोलकाता पुलिस ने धारा-144 संबंधी एडवाइजरी को बताया

कोलकाता, 7 मई । पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा के कारण कई क्षेत्रों में हालात तनावपूर्ण हैं। इसी बीच, सोशल मीडिया पर फर्जी और भ्रामक सामग्री भी शेयर की जा रही है। कोलकाता पुलिस ने बताया कि राजधानी के कई इलाकों में धारा-144 संबंधी 'एडवाइजरी' भी फर्जी और भ्रामक है।

कोलकाता के खिदिरपुर और टॉपसिया समेत कुछ इलाकों में धारा-144 लागू किए जाने संबंधी एडवाइजरी सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही थी। दावा था कि यह एडवाइजरी कोलकाता पुलिस हेडक्वार्टर से जारी की गई। हालांकि, कोलकाता पुलिस ने इस एडवाजरी को फर्जी और भ्रामक बताया है।

पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "यह एडवाइजरी फर्जी और भ्रामक है। कोलकाता पुलिस के अधिकार क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह सामान्य है और उस पर लगातार सतर्क निगरानी रखी जा रही है।"

पोस्ट में आगे लिखा, "कोलकाता पुलिस आयुक्त के नाम पर इस तरह की झूठी जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है।" इसके साथ ही, पुलिस ने नागरिकों से अपील है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी सत्यापित जानकारी पर ही भरोसा करें।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में हाल में घोषित विधानसभा चुनाव नतीजों में भाजपा को जीत मिली है, जबकि टीएमसी 15 साल बाद सत्ता से बाहर हो गई है। इस चुनावी हार जीत के बाद राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में कई हिंसक घटनाएं हुई हैं। बीती रात बारासात में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई।

जानकारी के अनुसार, मध्यग्राम इलाके में चंद्रनाथ को गोली मारी गई। गोली लगने के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें पास के डायवर्सिटी नर्सिंग होम ले जाया गया, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। हत्या का आरोप टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लगाया गया है।

Source: IANS

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