उत्तराखंड: बारिश की चेतावनी को देखते हुए आपदा तैयारियों की समीक्षा बैठक, अधिकारियों को फील्ड में रहने के निर्देश

पौड़ी गढ़वाल, 12 जुलाई । उत्तराखंड में बारिश और मौसम की चेतावनी को देखते हुए पौड़ी गढ़वाल की जिलाधिकारी सख्त हो गई हैं। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जिले की आपदा तैयारियों की समीक्षा की और सभी अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, संचार, राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं के साथ चारधाम यात्रा की स्थिति का विस्तार से जायजा लिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि आपदा के समय हर मिनट महत्वपूर्ण होता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में सभी उपजिलाधिकारियों से वर्षा प्रभावित क्षेत्रों, संवेदनशील स्थानों और राहत कार्यों की जानकारी ली गई।

राजस्व उपनिरीक्षकों सहित सभी विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहकर प्रत्येक घटना की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त भवनों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित राहत केंद्रों में स्थानांतरित करने तथा आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन मोटर मार्गों पर भूस्खलन या मलबा आने का खतरा है, वहां मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने तक यातायात संचालित न किया जाए।

लोक निर्माण विभाग को संवेदनशील मार्गों पर पर्याप्त मशीनरी और कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। चारधाम यात्रा की समीक्षा के दौरान श्रीनगर क्षेत्र में सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से रोके गए यातायात तथा यमकेश्वर क्षेत्र में नीलकंठ यात्रा मार्ग पर मलबा आने के कारण वैकल्पिक मार्ग से यात्रा संचालित किए जाने की जानकारी दी गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, तथा जहां भी यात्रियों को रोका जाए वहां भोजन, पेयजल, शौचालय और ठहरने जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। बैठक में कोटद्वार-दुगड्डा तथा दुगड्डा-गुमखाल मार्गों पर मलबा हटाकर यातायात बहाल किए जाने की जानकारी भी दी गई। विद्युत विभाग को संभावित बाधाओं से निपटने के लिए आवश्यक मशीनरी तैयार रखने तथा जल संस्थान को पेयजल योजनाओं के प्रभावित होने की स्थिति में वैकल्पिक रूप से पानी के टैंकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

मुख्य चिकित्साधिकारी को सभी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया। समीक्षा बैठक के बाद जिलाधिकारी ने लोनिवि, सिंचाई विभाग एवं अन्य अधिकारियों के साथ मुख्यालय क्षेत्र में वर्षा जल निकासी व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया। कंडोलिया क्षेत्र, एजेंसी चौक, राजकीय पुस्तकालय तथा ईएनटी चिकित्सालय के आसपास ड्रेनेज सिस्टम का निरीक्षण करते हुए नालियों की सफाई, ठोस अपशिष्ट हटाने, क्षतिग्रस्त संकेतक बोर्ड हटाने तथा भूमिगत विद्युत एवं पेयजल लाइनों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।

साथ ही अपर बाजार क्षेत्र में ड्रेनेज आउटलेट का संयुक्त निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए और कहा कि जनपदवासियों एवं चारधाम यात्रियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Source: IANS

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