विशाखापत्तनम स्टील प्लांट हादसा: मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हुई

विशाखापत्तनम, 14 जून । विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में 8 जून को हुए हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है।

कॉन्ट्रैक्ट वर्कर जी सुरीबाबू का शनिवार को एमजीएम सेवन हिल्स हॉस्पिटल में निधन हो गया, जहां उनका इलाज चल रहा था।

यह हादसा 8 जून को हुआ था, जब विशाखापत्तनम स्टील प्लांट की कंपनी राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) के एसएमएस-1 यूनिट में पिघला हुआ स्टील ले जा रही एक लैडल (बड़ी कड़ाही) में विस्फोट हो गया। लैडल में लगभग 1,500 डिग्री सेल्सियस के बहुत ज्यादा तापमान पर स्टील भरा हुआ था और विस्फोट के बाद पिघला हुआ स्टील बाहर रिसने लगा।

इस घटना में आठ कर्मचारियों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। सुरीबाबू से पहले 10 जून को एक और कर्मचारी कंडुला पैदिराजू की मौत हो गई थी।

इसी बीच, हादसे में घायल दो कर्मचारियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि दो अन्य का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

9 जून को दुर्घटना स्थल का दौरा करने के बाद डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने दुर्घटना में जान गंवाने वाले हर कर्मचारी के परिवार को 25-25 लाख रुपए का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को प्लांट में नौकरी देने की घोषणा की थी। उन्होंने गंभीर रूप से घायल और आईसीयू में इलाज करा रहे कर्मचारियों को भी 10-10 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की।

पवन कल्याण ने यह भी बताया कि रिटायरमेंट बेनिफिट्स के तहत स्थायी कर्मचारियों को 1.72 करोड़ रुपए और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को 45.75 लाख रुपए दिए जाएंगे। साथ ही, घायलों के इलाज का पूरा खर्च प्लांट मैनेजमेंट उठाएगा।

इस बीच, गजुवाका के विधायक और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के राज्य अध्यक्ष पल्ला श्रीनिवास राव ने सुरीबाबू के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।

सुरीबाबू के निधन की जानकारी मिलने पर राव ने अस्पताल पहुंचकर मृतकों को श्रद्धांजलि और शोक-संतप्त परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी। उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार इस मुश्किल समय में हर संभव मदद करेगी।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से बात की और यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया की देखरेख की कि पोस्टमार्टम समेत सभी आधिकारिक औपचारिकताएं बिना किसी देरी के पूरी हो जाएं।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार कर्मचारियों की भलाई और सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देती है। उन्होंने मैनेजमेंट से कहा कि वे ज्यादा सतर्क रहें और सुरक्षा के उपायों को मजबूत करें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

बोकारो स्टील प्लांट के डायरेक्टर-इन-चार्ज की अध्यक्षता में तीन सदस्यों वाली बाहरी विशेषज्ञों की एक कमेटी इस दुर्घटना की जांच कर रही है ताकि इसका कारण पता लगाया जा सके।

इस बीच, खबर है कि आरआईएनएल मैनेजमेंट ने जांच पूरी होने तक 22 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंड किए गए कर्मचारियों में स्टील मेल्ट शॉप, मटीरियल मैनेजमेंट और क्वालिटी एश्योरेंस विभागों के कर्मचारी शामिल हैं।

Source: IANS

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