परीक्षा प्रणाली सुधारने की दिशा में एनटीए का बड़ा कदम, चार वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। एजेंसी ने चार वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की है, वहीं तकनीक, वित्त और मानव संसाधन से जुड़े तीन अहम पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

नई दिल्ली, 19 मई । राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। एजेंसी ने चार वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की है, वहीं तकनीक, वित्त और मानव संसाधन से जुड़े तीन अहम पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
एनटीए ने सोमवार को कहा कि ये कदम भारत सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के तहत उठाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य देशभर में आयोजित होने वाली उच्च स्तरीय परीक्षाओं की विश्वसनीयता और संचालन व्यवस्था को बेहतर बनाना है। एनटीए हर साल एक करोड़ से अधिक उम्मीदवारों के लिए विभिन्न परीक्षाएं आयोजित करता है।
एनटीए ने बताया कि हाल के दिनों में भारत सरकार से चार वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति एजेंसी में की गई है। इनमें दो संयुक्त सचिव स्तर और दो निदेशक स्तर के अधिकारी शामिल हैं। संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों को अतिरिक्त महानिदेशक के रूप में नियुक्त किया जाएगा।
साथ ही एनटीए ने तीन विशेषज्ञ पदों के लिए भी विज्ञापन जारी किया है। इनमें चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (सीटीओ), चीफ फाइनेंस ऑफिसर (सीएफओ) और जनरल मैनेजर-ह्यूमन रिसोर्स (जीएम-एचआर) शामिल हैं। सीटीओ एनटीए के सबसे वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी होंगे। वे परीक्षा से जुड़ी पूरी डिजिटल व्यवस्था, साइबर सुरक्षा, प्रश्नपत्र प्रबंधन, बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन, एआई आधारित निगरानी प्रणाली और तकनीकी आधुनिकीकरण का काम संभालेंगे।
सीएफओ एजेंसी की वित्तीय व्यवस्था, लेखा, ऑडिट और सरकारी निवेश नियमों के अनुसार फंड प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं जीएम-एचआर एनटीए के कर्मचारियों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, मानव संसाधन नीतियों और कार्य संस्कृति को मजबूत करने का कार्य देखेंगे।
इन तीनों पदों के लिए आवेदन एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर विज्ञापन जारी होने की तारीख से 15 दिनों के भीतर मांगे गए हैं। चयन प्रक्रिया एक समिति द्वारा योग्यता, अनुभव और क्षमता के आधार पर की जाएगी।
एनटीए ने कहा कि सुधार प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी और आगे के कदमों की जानकारी समय-समय पर साझा की जाएगी। शिक्षा मंत्रालय और उच्च शिक्षा विभाग इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।
Source: IANS

