Washington - Page 37
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न करे। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौता होने के बहुत करीब है, लेकिन अगर बातचीत सफल नहीं होती है तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी खुला है।
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अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा है कि उसने गाम्बिया के झंडे वाले एक समुद्री जहाज को निष्क्रिय कर दिया, जो ईरान के एक बंदरगाह की ओर जा रहा था।।
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तिब्बती बौद्ध धर्म के सबसे प्रमुख आध्यात्मिक नेता दलाई लामा के चयन में चीन हमेशा से हस्तक्षेप करता रहा है। दलाई लामा के भतीजे खेदरूब थोंडुप का कहना है कि यदि चीन 15वें दलाई लामा को भी इसी तरह नियंत्रित करने की कोशिश करता है, तो उसे पहले वाले परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
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एक अमेरिकी जिला न्यायाधीश ने फैसला सुनाया कि जॉन एफ. कैनेडी सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का नाम जोड़ना गैरकानूनी था। इसके साथ ही जज ने ट्रंप के नाम को दो सप्ताह के भीतर हटाने का आदेश दिया है।
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व्हाइट हाउस और ऊर्जा विभाग के 28 वर्षीय पूर्व अधिकारी न्यू जर्सी में इतिहास रचने की कोशिश कर रहे हैं। वह राज्य के पहले जेन-जी और पहले भारतीय मूल के अमेरिकी लॉमेकर की दौड़ में हैं।
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते पर अंतिम फैसला फिलहाल टाल दिया है। उन्होंने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ करीब दो घंटे तक बैठक की।
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अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास तनाव की वजह से लगभग 2,000 जहाज इस समय खाड़ी से बाहर निकलने का इंतजार कर रहे हैं।।
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यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका की नीति की आलोचना के बीच अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ट्रंप प्रशासन ने रूस के तेल क्षेत्र पर किसी भी पूर्व अमेरिकी प्रशासन की तुलना में अधिक कड़े प्रतिबंध लगाए हैं।
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अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ किसी भी समझौते के लिए तीन बड़ी शर्तें रखी हैं। तेहरान को अपना अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम सौंपना होगा, परमाणु हथियार बनाने की किसी भी कोशिश को छोड़ना होगा और होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध नौवहन बहाल करना होगा।
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अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि तेहरान अब उन मुद्दों पर बात कर रहा है जिन पर पहले की अमेरिकी सरकारें उसे कभी बातचीत के लिए तैयार नहीं कर पाईं। ट्रंप प्रशासन ने दाव किया कि सैन्य और आर्थिक दबाव डालने की उसकी रणनीति ने ईरान को परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की टेबल पर लाने में कामयाबी हासिल की है।
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