केंद्र ने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी के लिए

नई दिल्ली, 10 मार्च। केंद्र सरकार की आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने मंगलवार को जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी परियोजना के लिए 3,630.77 करोड़ रुपए की संशोधित कुल लागत को मंजूरी दे दी। यह परियोजना दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-सोहना स्पर से जेवर एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत उत्तर प्रदेश और हरियाणा में विकसित की जाएगी। 

करीब 31.42 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा। इससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आर्थिक गतिविधियों और लॉजिस्टिक्स की दक्षता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

यह कॉरिडोर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) से भी जुड़ेगा, जिससे सड़क, माल ढुलाई और अन्य परिवहन साधनों के बीच मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी विकसित होगी।

सरकार के अनुसार, यह एलिवेटेड कॉरिडोर केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना नहीं है, बल्कि शहरी विकास, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

एक कैबिनेट नोट में कहा गया है कि फरीदाबाद क्षेत्र में टिकाऊ शहरी विकास सुनिश्चित करने और जेवर एयरपोर्ट-दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे कॉरिडोर की पूरी क्षमता का उपयोग करने के लिए इस परियोजना का निर्माण जरूरी है।

सरकारी बयान के मुताबिक, इस परियोजना के करीब 11 किलोमीटर हिस्से को एलिवेटेड हाईवे के रूप में विकसित किया जाएगा। यह हिस्सा डीएनडी-बल्लभगढ़ बाईपास और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी का अहम भाग होगा और इसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा।

यह कॉरिडोर फरीदाबाद मास्टर प्लान 2031 के तहत चिन्हित उस क्षेत्र से होकर गुजरेगा, जहां भविष्य में घनी आबादी वाला शहरी विकास और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की योजना है।

इस एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण की अतिरिक्त लागत 689.24 करोड़ रुपए होगी, जिसमें से हरियाणा सरकार 450 करोड़ रुपए का खर्च वहन करेगी।

इसके अलावा, पिछले महीने सरकार ने गुजरात में नेशनल हाईवे-56 के दो हिस्सों को चार लेन में अपग्रेड करने की परियोजना को भी मंजूरी दी थी, जिसकी कुल लागत 4,583.64 करोड़ रुपए है।

आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने कहा कि इस योजना के तहत धमासिया-बिटाडा/मोवी (47.46 किमी) और नासरपोर-मलोथा (60.21 किमी) सेक्शन को चार लेन में विकसित किया जाएगा। इन दोनों हिस्सों की कुल लंबाई 107.67 किलोमीटर होगी।

सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से देश में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।

Source: IANS

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