प्रणित मोरे की बढ़ीं मुश्किलें, कमीडियन समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर

नई दिल्ली, 11 जून । सोशल मीडिया पर कथित अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट प्रसारित करने के आरोप में स्टैंड-अप कमीडियन और यूट्यूबर प्रणित मोरे की मुश्किलें बढ़ गई हैं। महाराष्ट्र साइबर विभाग ने उनके साथ शामिल अन्य के खिलाफ एफआईआर करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।

इस कार्रवाई में हिमांशु जांगड़ा, डॉक्टर सेजल पवार समेत अन्य व्यक्तियों को भी शामिल किया गया है।

महाराष्ट्र साइबर विभाग के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ वीडियो और क्लिप्स में महिलाओं, सहमति (कंसेंट) और मृत व्यक्तियों को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। इन वीडियो के वायरल होने के बाद विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू की है।

साइबर विभाग के अनुसार, यह मामला एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो से जुड़ा है, जिसे मेजबानी प्रणित मोरे ने होस्ट किया था। शो के कुछ अंश यूट्यूब, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा किए गए थे। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इन वीडियो में ऐसी बातें कही गईं, जिन्हें सामाजिक मर्यादा और कानून के दायरे से बाहर माना जा सकता है।

महाराष्ट्र साइबर की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि एक वीडियो क्लिप में हिमांशु जांगड़ा ने कथित तौर पर डेट पर खर्च किए गए पैसे के बदले शारीरिक संबंधों का अधिकार होने जैसी टिप्पणी की, इसके लिए उन्होंने 370 रुपए में बिरयानी और वसूली जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। जांच एजेंसी का मानना है कि ऐसी बातें महिलाओं की गरिमा और सहमति के महत्व को कमतर दिखाने वाली हो सकती हैं।

वहीं, एक अन्य वीडियो में डॉ. सेजल पवार पर आरोप है कि उन्होंने मृत व्यक्तियों और मेडिकल शिक्षा में उपयोग किए जाने वाले शवों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। साइबर विभाग के अनुसार, इस तरह के कंटेंट समाज में स्वीकार्य मर्यादाओं के खिलाफ मानी जा सकती है।

महाराष्ट्र साइबर ने बताया कि इस मामले में एफआईआर की गई है। मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की विभिन्न धाराओं व सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम, 2000 के प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी ने सभी संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए समन भी जारी किए हैं।

साइबर विभाग का आरोप है कि कार्यक्रम से जुड़े वीडियो रिकॉर्ड किए गए, उन्हें सोशल मीडिया पर प्रचारित किया गया और व्यापक दर्शक संख्या हासिल करने के उद्देश्य से साझा किया गया। जांचकर्ता यह भी देख रहे हैं कि क्या इन वीडियो के माध्यम से व्यूअरशिप बढ़ाकर रुपए कमाने का प्रयास किया गया था?

महाराष्ट्र साइबर विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित होने वाले कंटेंट पर लगातार निगरानी रखी जाती है और यदि कोई कंटेंट कानून, सामाजिक शिष्टाचार या सार्वजनिक हित के खिलाफ पाया जाता है तो उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाती है।

फिलहाल, मामले की जांच जारी है। विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Source: IANS

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