पीएम मोदी की अपील का बड़ा असर, जम्मू के सीमावर्ती गांव में परिवारों

जम्मू, 14 मई । भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित घानसू इलाके में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर देखने को मिल रहा है। गांव के करीब 40 परिवारों ने आज से एलपीजी गैस और तेल का इस्तेमाल कम करने का संकल्प लिया है। इस पहल के तहत ग्रामीणों ने खाना बनाने के लिए पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।

ग्रामीणों ने कहा कि अब गांव में कोई भी एलपीजी गैस का इस्तेमाल नहीं करेगा और न ही वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को नजरअंदाज करेंगे।

गांव की महिलाओं ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से ​​खास बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस अपील के बाद उन्होंने आपस में चर्चा की और पूरे गांव के साथ मिलकर सामूहिक रूप से इसका पालन करने का फैसला किया। फिलहाल, 40 परिवार इस अभियान से जुड़ चुके हैं और आने वाले दिनों में और भी लोगों के इसका हिस्सा बनने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री की अपील सुनते ही उन्होंने उसे तुरंत लागू करना शुरू कर दिया।

महिलाओं ने बताया कि आज से उन्होंने पारंपरिक मिट्टी के चूल्हे और गाय के गोबर के उपले, जलाऊ लकड़ी से खाना पकाना शुरू कर दिया है। उन्होंने याद दिलाया कि कोविड काल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से घर के अंदर रहने और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की थी, जिसका पूरे देश ने पालन किया था।

गांव वालों ने कहा कि जब "ऑपरेशन सिंदूर" के दौरान प्रधानमंत्री ने नागरिकों से राष्ट्र सेवा में पाकिस्तान के खिलाफ मजबूती से खड़े होने का आह्वान किया था, तब उन्होंने गांव में रहते हुए ही भारतीय सैनिकों का समर्थन किया था। अब, एक बार फिर, वैश्विक चुनौतियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से कम से कम एक साल के लिए सोने का इस्तेमाल कम करने, विदेशी सामानों का इस्तेमाल घटाने, विदेश यात्रा से बचने और खाने में तेल का इस्तेमाल कम करने की अपील की है।

इसके बाद गांव वालों ने इन आदतों को छोड़ने और प्रधानमंत्री की अपील का पालन करने का संकल्प लिया। उन्होंने देश के लोगों से भी अपील की कि वे इन मुश्किल समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़े हों। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रहने वाले निवासियों ने कहा कि जिस तरह वे इस अभियान से जुड़े हैं, उसी तरह पूरे देश के लोगों को भी इस आंदोलन का हिस्सा बनना चाहिए।

Source: IANS

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