केरल के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने वीडी सतीशन को सरकार बनाने के लिए

तिरुवनंतपुरम, 14 मई । केरल में नई सरकार के गठन की कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पद के लिए नामित वीडी सतीशन ने गुरुवार को राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मुलाकात कर औपचारिक रूप से सरकार बनाने का दावा पेश किया।

कांग्रेस विधायक दल द्वारा सर्वसम्मति से सतीशन को अपना नेता चुने जाने और यूडीएफ सहयोगियों द्वारा अपना समर्थन दिए जाने के तुरंत बाद मनोनीत मुख्यमंत्री ने लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात की और कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के समर्थन पत्र सौंपे। इस गठबंधन ने 140 सदस्यों वाले सदन में 102 सीटों की शानदार जीत के साथ विधानसभा चुनावों में जबरदस्त सफलता हासिल की थी।

इसके बाद राज्यपाल ने सतीशन को अगली सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया, जिससे सोमवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह से पहले की अंतिम संवैधानिक बाधा भी प्रभावी रूप से दूर हो गई।

अब यह सुनिश्चित करने के प्रयास चल रहे हैं कि मुख्यमंत्री सहित 21 सदस्यों वाला पूरा मंत्रिमंडल सोमवार को ही एक साथ शपथ ले।

सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस नेतृत्व सप्ताहांत से पहले पूरी कैबिनेट सूची को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहा है, ताकि सत्ता हस्तांतरण सुचारू और निर्णायक लगे।

विधानसभा का सत्र 21 मई को बुलाए जाने की उम्मीद है, जब सभी नवनिर्वाचित विधायक भी शपथ लेंगे।

केरल में लोक भवन के आसपास का राजनीतिक माहौल, उन तनावपूर्ण घटनाक्रमों के बिल्कुल विपरीत है जिनका सामना अर्लेकर को कुछ ही दिन पहले तमिलनाडु के कार्यवाहक राज्यपाल के तौर पर करना पड़ा था।

उस दौरान, कथित तौर पर सीटों की संख्या को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण कई बार सलाह-मशविरा करना पड़ा था, जिसके बाद ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय आखिरकार सरकार बनाने के लिए जरूरी विधायी समर्थन साबित कर पाए थे, लेकिन केरल में कांग्रेस आलाकमान द्वारा सतीशन के नाम को अंतिम रूप दिए जाने के बाद अब किसी भी तरह के सस्पेंस की गुंजाइश लगभग खत्म हो गई है।

दिन की शुरुआत में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में केपीसीसी अध्यक्ष सन्नी जोसेफ ने औपचारिक रूप से सतीशन के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन तिरुवनचूर राधाकृष्णन ने किया। मुकुल वासनिक और दीपा दासमुंशी सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सभा को संबोधित किया और यूडीएफ को जीत दिलाने में सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के सामूहिक नेतृत्व की सराहना की।

लोक भवन के लिए भी चेन्नई में कई दिनों तक चली राजनीतिक अनिश्चितता और संवैधानिक दांव-पेच के बाद केरल में सत्ता का यह हस्तांतरण अब काफी सहज और सरल प्रतीत हो रहा है।

Source: IANS

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